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दिन में सड़क अधूरी, रात में हो गई पूरी, मुंगेर में 20 लाख की सड़क की ढलाई ने खोल दी व्यवस्था की पोल

Published: Mon, 21 Sep 2026 10:44 PM (IST)

Munger Municipal Corporation Road Construction Quality Inquiry: मुंगेर के वार्ड 26 में 20 लाख रुपये की सड़क का निर्माण रात ...और पढ़ें

मुंगेर नगर निगम के वार्ड 26 में रात के अंधेरे में बिना इंजीनियर की मौजूदगी में की गई सड़क ढलाई।

मुंगेर नगर निगम के वार्ड 26 में रात के अंधेरे में बिना इंजीनियर की मौजूदगी में की गई सड़क ढलाई

HighLights

  1. वार्ड 26 में 20 लाख की सड़क का निर्माण रात में हुआ।

  2. इंजीनियर की अनुपस्थिति में काम से गुणवत्ता पर सवाल उठे।

  3. स्थानीय लोग उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे।

संवाद सूत्र, मुंगेर। Munger Municipal Corporation Road Construction Quality Inquiry: जनता की गाढ़ी कमाई से होने वाले विकास कार्यों की निगरानी को लेकर मुंगेर नगर निगम के बड़े-बड़े दावों की पोल वार्ड संख्या 26 में खुलती नजर आ रही है। एक तरफ नगर निगम प्रशासन निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और उच्च मानक बनाए रखने की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ वार्ड 26 में संवेदक द्वारा रविवार की देर रात बिना किसी विभागीय इंजीनियर की मौजूदगी में सड़क की ढलाई करा दी गई।

रात के अंधेरे में कराए गए इस निर्माण से सामग्री के अनुपात और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और दुकानदारों में भारी असंतोष है। प्राप्त विवरण के अनुसार, जैन धर्मशाला से साइकिल पट्टी होते हुए बाटा चौक तक सड़क, नाला और उसके ढक्कन निर्माण के लिए नगर निगम द्वारा करीब 20 लाख रुपये की निविदा (टेंडर) जारी की गई थी।

बीते 9 अप्रैल को संबंधित संवेदक के साथ विधिवत एकरारनामा (अग्रीमेंट) किया गया था, जिसके तहत निर्माण कार्य दो महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य था। लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी यह निर्माण कार्य अब तक अधूरा ही लटका हुआ है।

दिन में अधिकारी नदारद, रात के अंधेरे में लिंक रोड की ढलाई

स्थानीय दुकानदारों व निवासियों रविंद्र कुमार, लक्ष्मण, विक्की, अनवर और आलम ने बताया कि मुख्य सड़क पर तो दिन में काम दिखाया जाता है, लेकिन लिंक रोड की ढलाई रविवार की देर रात अंधेरे का फायदा उठाकर गुपचुप तरीके से करा दी गई।

  • मुंगेर नगर निगम के वार्ड संख्या 26 (जैन धर्मशाला से साइकिल पट्टी होकर बाटा चौक तक) में रात के अंधेरे में कराई गई सड़क की ढलाई

  • बिना किसी कनीय या सहायक अभियंता (इंजीनियर) की मौजूदगी में ढलाई से निर्माण सामग्री और गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

  • 9 अप्रैल को 20 लाख रुपये का हुआ था एकरारनामा, 2 महीने में पूरा होना था काम; 5 महीने बीत जाने पर भी निर्माण पड़ा अधूरा

  • स्थानीय दुकानदारों व निवासियों ने की रात में हुई ढलाई और पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की पुरजोर मांग

लोगों का कहना है कि जब निर्माण की तकनीकी निगरानी के लिए निगम के इंजीनियर तैनात हैं, तो आखिर रात में ढलाई किसकी देखरेख में हुई? रात के समय ढलाई होने के कारण सीमेंट, गिट्टी व बालू के मिश्रण और तकनीकी मानकों की जांच मौके पर कर पाना असंभव हो जाता है।

5 महीने बाद भी काम अधूरा, तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दो महीने में पूरा होने वाला काम पांच महीने बाद भी अधूरा पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद निगम के किसी अधिकारी या इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर काम की प्रगति की सुध नहीं ली और न ही संवेदक से देरी का कारण पूछा।

दुकानदारों व शहरवासियों ने पूरे 20 लाख रुपये के इस निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने और रात में हुई ढलाई में गड़बड़ी मिलने पर दोषी संवेदक तथा लापरवाह कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है।

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बिना अभियंता के ढलाई नहीं करना है। रात के अंधेरे में ढलाई हुई है कोई अभियंता नहीं गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। संवेदक पर कार्रवाई होगी।

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- नसीमउद्दीन, उप नगर आयुक्त