वेंटिलेटर बंद और आधे डॉक्टर गायब; मुंगेर में महिला आयोग के औचक निरीक्षण में खुली पोल, सभापति ने जताई गहरी नाराजगी
Munger Sadar Hospital Inspection: बिहार विधानसभा की महिला एवं बाल कल्याण समिति ने मुंगेर का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं और ...और पढ़ें

Munger Sadar Hospital Inspection: मुंगेर सदर अस्पताल में वेंटिलेटर बंद, 34 में से 17 डॉक्टर गायब; महिला आयोग की सभापति अश्वमेघ देवी ने लगाई फटकार, रिपोर्ट तलब
HighLights
महिला आयोग ने मुंगेर की स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सुरक्षा का जायजा लिया।
सदर अस्पताल में बंद वेंटिलेटर और डॉक्टरों की कमी पर जताई नाराजगी।
मंडल कारा, महिला थाने में भी व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण किया गया।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। Munger Sadar Hospital Inspection: जिले की चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी पड़ताल करने रविवार को बिहार विधानसभा की महिला एवं बाल कल्याण समिति (महिला आयोग) की पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम मुंगेर पहुंची। समिति की सभापति अश्वमेघ देवी के नेतृत्व में आई इस टीम ने मंडल कारा, महिला थाना और मुंगेर सदर अस्पताल का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था, जीवनरक्षक उपकरणों के ठप रहने और चिकित्सकों की भारी कमी को देखकर आयोग की टीम ने कड़ी नाराजगी जताई।
मुंगेर सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य महकमे की बड़ी लापरवाही उजागर हुई। टीम जब गंभीर मरीजों के लिए बने आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) में पहुंची, तो वहां वेंटिलेटर तो मौजूद दिखा, लेकिन वह पूरी तरह बंद और निष्क्रिय पड़ा मिला। इसके अलावा प्रशासनिक समीक्षा में सामने आया कि अस्पताल में चिकित्सकों के स्वीकृत 34 पदों के मुकाबले महज 17 डॉक्टर ही कार्यरत हैं, यानी आधे डॉक्टरों के भरोसे ही पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था चल रही है।
प्रसव और महिला वार्ड का लिया जायजा, मरीजों से सीधे पूछा हाल
सदर अस्पताल परिसर में आयोग की टीम ने प्रसव वार्ड, महिला वार्ड और ओपीडी का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने भर्ती महिला मरीजों और उनके तीमारदारों से मुफ्त दवाओं की उपलब्धता, नियमित पैथोलॉजिकल जांच, भोजन और वार्ड की साफ-सफाई को लेकर बिंदुवार जानकारी ली।
-1789888611608.webp)
सभापति अश्वमेघ देवी ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए कहा कि जब सरकार ने जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध कराए हैं, तो वेंटिलेटर का बंद रहना घोर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि 50 फीसदी डॉक्टरों की कमी बेहद गंभीर विषय है। आयोग इन तमाम विसंगतियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विधानसभा और राज्य सरकार के समक्ष रखेगा, ताकि रिक्त पदों पर शीघ्र पदस्थापन हो सके और बंद उपकरणों को चालू कराया जाए।
मंडल कारा में महिला बंदियों से संवाद, महिला थाने में फाइलों की पड़ताल
सदर अस्पताल से पूर्व आयोग की टीम सबसे पहले मुंगेर मंडल कारा पहुंची। वहां महिला वार्ड का मुआयना कर महिला बंदियों से सीधी बातचीत की गई। टीम ने जेल प्रशासन द्वारा दी जा रही बुनियादी सुविधाओं, भोजन, स्वास्थ्य जांच और विधिक सहायता के बारे में बंदियों से पूछताछ की और पूछा कि उन्हें किसी स्तर पर मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना का सामना तो नहीं करना पड़ रहा।
बिहार विधानसभा महिला आयोग की पांच सदस्यीय समिति ने सभापति अश्वमेघ देवी के नेतृत्व में मुंगेर में किया स्थलीय निरीक्षण
मंडल कारा में महिला बंदियों का जाना हाल, महिला थाने में लंबित उत्पीड़न केसों और न्याय प्रक्रिया की ली विस्तृत जानकारी
सदर अस्पताल के निरीक्षण में आईसीयू का वेंटिलेटर मिला बंद; 34 स्वीकृत पदों के विरुद्ध महज 17 डॉक्टर ही मिले कार्यरत
प्रसव वार्ड और महिला वार्ड में मरीजों से ली गई स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी; आयोग ने सरकार के समक्ष रिपोर्ट रखने की कही बात
इसके उपरांत टीम महिला थाना पहुंची, जहां थानाध्यक्ष कृति कुमारी से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और छेड़खानी से जुड़े मामलों का ब्योरा लिया गया। आयोग ने स्पष्ट पूछा कि थाने में प्रतिदिन महिलाओं की कितनी शिकायतें दर्ज होती हैं और उनमें से कितनों का त्वरित निष्पादन कर पीड़िताओं को समय पर न्याय दिलाया जा रहा है। टीम ने महिला अपराधों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बरतने की सख्त हिदायत दी।
निरीक्षण दल में ये लोग रहे शामिल
इस उच्चस्तरीय जांच दल में सभापति अश्वमेघ देवी के साथ समिति की सदस्य विधायक स्नेहलता कुशवाहा, संगीता कुमारी, विनिता मेहता और करिश्मा प्रमुख रूप से शामिल रहीं। वहीं सदर अस्पताल में निरीक्षण के दौरान अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रमन, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा, डॉ. निधि और डॉ. रुपेश कुमार सहित कई स्वास्थ्यकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
