मुंगेर । शिक्षा के मंदिर में आने वाले बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है। लेकिन, अब भी कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभावव है। सदर प्रखंड के उर्दू प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर इसका उदाहरण है। विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या 111 है । सहायक शिक्षकों की संख्या 2 है। विद्यालय के प्राचार्य मु. अमीम कमाल ने कहा विद्यालय में पेयजल की आपूर्ति के लिए हाफ किलोमीटर चल कर जाना पड़ता है। वहीं, छात्रों के लिए अब तक विद्यालय में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इसके लिए शिक्षा विभाग को लिखा गया है। प्राचार्य ने कहा कि विद्यालय के कमरे की छत से पलास्टर झड़ कर गिरता है। वहीं, प्राथमिक विद्यालय मुवारकचक की बात करें तो यहां शौचालय है। पेयजल के नाम पर दो चापाकल भी है। लेकिन, चापाकल से गंदा पानी गिरता है। छात्र अपनी प्यास बुझाने के लिए घर से पानी लेकर आते हैं। विद्यालय की प्रधानाध्यापक नीलम कुमारी ने कहा कि विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या 101 है। उन्हें शिक्षा देने के लिए एक सहायक शिक्षक और एक शिक्षा स्वयं सेवक हैं।

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