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16 एकड़ सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में बड़ा खेल! मुंगेर में वर्तमान-पूर्व CO पर विभागीय जांच, राजस्व महकमे में हड़कंप

Published: Sun, 04 Oct 2026 09:54 AM (IST)

मुंगेर के धरहरा अंचल में सरकारी भूमि के अभिलेखों में हेराफेरी के आरोप में वर्तमान और पूर्व अंचल अधिकारी पर विभागीय जांच शुरू की गई है।

विभागीय जांच के घेरे में वर्तमान सीओ वीरेंद्र कुमार व पूर्व सीओ पूजा कुमारी। सौ. जागरण आर्काइव

विभागीय जांच के घेरे में वर्तमान सीओ वीरेंद्र कुमार व पूर्व सीओ पूजा कुमारी। सौ. जागरण आर्काइव

HighLights

  1. मुंगेर में सरकारी भूमि अभिलेखों में हेराफेरी पर विभागीय जांच।

  2. वर्तमान और पूर्व अंचल अधिकारी पर गंभीर आरोप, कार्रवाई शुरू।

  3. 16 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन के म्यूटेशन में अनियमितता।

संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। Munger CO Departmental Inquiry Land Scam: बिहार के मुंगेर जिला अंतर्गत धरहरा अंचल में सरकारी भूमि के अभिलेखों में कथित हेराफेरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सराधी मौजा स्थित गैरमजरूआ मालिक भूमि के खेसरा और जमाबंदी में संदिग्ध बदलाव कर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) किए जाने के गंभीर

आरोपों में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने वर्तमान अंचल अधिकारी (सीओ) वीरेंद्र कुमार और पूर्व सीओ पूजा कुमारी के खिलाफ औपचारिक विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है। विभाग ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियम-17 (2) के तहत विस्तृत जांच का आदेश जारी किया है।

विभागीय संकल्प के अनुसार सराधी मौजा के खाता संख्या 457, खेसरा संख्या 153 के तहत दर्ज कुल 16 एकड़ 40 डिसमिल भूमि खतियान में गैरमजरूआ खास पुरानी किस्म परती के रूप में दर्ज है। आरोप है कि बिना वैधानिक नियमों का पालन किए इसमें से लगभग एक एकड़ जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम हस्तांतरित कर दी गई।

  • मुंगेर जिले के धरहरा अंचल अंतर्गत सराधी मौजा में गैरमजरूआ खास जमीन के खेसरा व जमाबंदी में फर्जीवाड़े का मामला

  • वर्तमान सीओ वीरेंद्र कुमार और पूर्व सीओ पूजा कुमारी के खिलाफ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नियम-17 (2) के तहत शुरू की जांच

  • खाता 457, खेसरा 153 की 16 एकड़ 40 डिसमिल सरकारी जमीन के एक बड़े हिस्से का बिना सत्यापन म्यूटेशन करने का आरोप

  • पुराने भ्रष्टाचार मामले में टेटिया बंबर के सेवानिवृत्त CO विनोद कुमार गुप्ता के उपादान (ग्रेच्युटी) से 10% कटौती की सजा

Slug _ munger land scam cos face inquiry over 16 acre govt land fraud (2)

बिना कागजात सत्यापन के परिमार्जन और म्यूटेशन, पंजी-2 पर उठे सवाल

शिकायतकर्ता संदीप कुमार द्वारा विभाग को दी गई शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि सरकारी भूमि के एक बड़े हिस्से का म्यूटेशन कराकर उस पर घेराबंदी का रास्ता तैयार किया गया।

स्थलीय जांच और बंदोबस्ती परवाना सत्यापन के दौरान कई वैधानिक त्रुटियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि जरूरी सरकारी दस्तावेजों का समुचित सत्यापन किए बिना रिकॉर्ड में परिमार्जन कर दिया गया। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार खेसरा संख्या 153 गैरमजरूआ मालिक और खेसरा संख्या 155 रैयती भूमि है।

जमाबंदी संख्या 75/81 में पंजी-2 पर खाता, खेसरा और चौहद्दी दर्ज न होने के बावजूद खेसरा 153 दर्ज कर दिया गया। बिना ठोस साक्ष्य के सरकारी जमीन के अभिलेखों में यह बदलाव कैसे हुआ, यही जांच का मुख्य बिंदु है।

दो सीओ से स्पष्टीकरण के बाद कार्रवाई, सेवानिवृत्त सीओ की ग्रेच्युटी में कटौती

दोनों अंचल अधिकारियों से प्राप्त स्पष्टीकरण और जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई स्थल जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद विभाग ने असंतोष व्यक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही का निर्णय लिया है। इसके तहत पूरे फर्जीवाड़े, परिमार्जन और म्यूटेशन प्रक्रिया की गहराई से जांच होगी।

इसी विभागीय आदेश में टेटिया बंबर अंचल के तत्कालीन एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त सीओ विनोद कुमार गुप्ता के खिलाफ एक पुराने भ्रष्टाचार मामले में दोष सिद्ध होने पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। सरकार ने उनके उपादान (ग्रेच्युटी) की राशि में से 10 प्रतिशत की एकमुश्त कटौती का सख्त आदेश जारी किया है।

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