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गजब का हिसाब गड़बड़ी के आरोप तीन बार, पुरस्कार भी कई बार, मुंगेर में 2218 किलो चावल के मामले में हेडमास्टर निलंबित

Published: Sun, 11 Oct 2026 04:11 PM (IST)

मुंगेर के जमालपुर स्थित पीएम श्री मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार को पीएम पोषण योजना में वित्तीय अनियमितता के ...और पढ़ें

एमडीएम घोटाले और वित्तीय हेरफेर में प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार को निलंबित।

एमडीएम घोटाले और वित्तीय हेरफेर में प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार को निलंबित।

HighLights

  1. प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार पीएम पोषण योजना में निलंबित।

  2. चावल स्टॉक में 2,218 किलोग्राम का बड़ा अंतर मिला।

  3. 91,490 रुपये के भुगतान की कैश बुक में एंट्री नहीं।

संवाद सूत्र, जमालपुर (मुंगेर)। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पूर्व में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल कर चुके एक प्रधानाध्यापक की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मुंगेर जिले के जमालपुर प्रखंड अंतर्गत पीएम श्री मध्य विद्यालय कलारामपुर के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार को पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना में बड़े पैमाने पर कथित वित्तीय अनियमितता और खाद्यान्न में गड़बड़ी के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

  • मुंगेर जिले के जमालपुर प्रखंड स्थित 'पीएम श्री मध्य विद्यालय कलारामपुर' के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार पीएम पोषण योजना में अनियमितता पर निलंबित

  • 6 अक्टूबर के औचक निरीक्षण में चावल स्टॉक में मिला 2,218 किलोग्राम का भारी अंतर; रजिस्टर में 1,481 किलो की जगह गोदाम में मिला 3,700 किलो खाद्यान्न

  • 30 अप्रैल को किए गए ₹91,490 के भुगतान की कैश बुक (रोकड़ बही) में कोई एंट्री नहीं; एक अन्य बिल में ₹431 अधिक भुगतान का मामला पकड़ाया

  • जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने 8 अक्टूबर को की निलंबन की कार्रवाई; डीपीओ (प्राथमिक शिक्षा) को जांच अधिकारी और बीईओ जमालपुर को प्रस्तुतीकरण अधिकारी बनाया

जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने जांच रिपोर्ट के आधार पर गत 8 अक्टूबर को यह निलंबन आदेश जारी करते हुए विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि 6 अक्टूबर को विद्यालय में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न के भंडार और कागजी लेखा-जोखा के बीच एक भारी अंतर उजागर हुआ था, जिसने पारदर्शी व्यवस्था की पोल खोल दी।

कागजों पर कम और गोदाम में मिला ज्यादा चावल; स्टॉक सत्यापन में पकड़ाया 2218 किलो का अंतर

विभागीय जांच रिपोर्ट के अनुसार, औचक निरीक्षण के समय विद्यालय में कुल 704 छात्र नामांकित थे, जिनमें से भौतिक सत्यापन में 462 बच्चे उपस्थित पाए गए।

खाद्यान्न व्यय विवरणी के मुताबिक रजिस्टर में 1,481.11 किलोग्राम चावल शेष बचना चाहिए था, लेकिन जब अधिकारियों ने गोदाम का भौतिक सत्यापन किया तो वहां 3,700 किलोग्राम चावल मौजूद मिला।

इस प्रकार कागजी हिसाब और वास्तविक स्टॉक के बीच करीब 2,218 किलोग्राम चावल का गंभीर अंतर सामने आया। यह विसंगति कैसे और किन परिस्थितियों में बनी, इसका खुलासा विभागीय जांच में किया जाएगा।

रोकड़ बही से गायब थी 91 हजार के भुगतान की एंट्री; विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त

जांच में वित्तीय अभिलेखों के संधारण में भी गंभीर लापरवाहियां पकड़ी गईं। रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल के बाद रोकड़ बही (कैश बुक) को मेंटेन ही नहीं किया गया था। वहीं, 30 अप्रैल को किए गए 91,490 रुपये के भुगतान की कोई एंट्री रोकड़ बही में दर्ज नहीं पाई गई।

इसके अलावा विपत्र संख्या 514 में 95,183 रुपये के स्थान पर 95,614 रुपये का भुगतान दर्ज किया गया था, जिसमें 431 रुपये के अधिक भुगतान का मामला सामने आया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) को जांच संचालन अधिकारी और जमालपुर बीईओ को प्रस्तुतीकरण अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापक का मुख्यालय बीईओ कार्यालय निर्धारित किया गया है।

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