बांका में शिक्षक की करतूत थमी नहीं, मुंगेर में मास्टर साहब का चेहरा बेनकाब, छात्रा को भरमाया तो हुए निलंबित
मुंगेर के धरहरा प्रखंड में एक विशिष्ट शिक्षक प्रिय रंजन कुमार को बाल विवाह के लिए छात्रा को उकसाने के ...और पढ़ें

निलंबित शिक्षक प्रिय रंजन कुमार
HighLights
शिक्षक प्रिय रंजन कुमार बाल विवाह के आरोप में निलंबित।
छात्रा को उकसाने पर प्राथमिकी दर्ज, विभागीय जांच जारी।
मुख्यालय बरियारपुर बीईओ कार्यालय, 45 दिन में रिपोर्ट।
संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय दनियालपुर में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक प्रिय रंजन कुमार को एक छात्रा को बाल विवाह के लिए प्रोत्साहित और दुष्प्रेरित करने के गंभीर आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने शिक्षक के खिलाफ निलंबन का आदेश जारी करते हुए कड़ी विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय दनियालपुर के विशिष्ट शिक्षक प्रिय रंजन कुमार पर छात्रा को बाल विवाह हेतु प्रोत्साहित करने का आरोप
शिकायतकर्ता अमित रंजन के आवेदन पर बीईओ धरहरा की जांच रिपोर्ट के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) की स्वीकृति पर डीपीओ स्थापना ने किया निलंबित
शिक्षक के खिलाफ थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज; विभागीय जांच में आरोप साबित होने तक बरियारपुर बीईओ कार्यालय बनाया गया निलंबन मुख्यालय
बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023/2024 के तहत अनुशासनिक कार्रवाई शुरू; जांच अधिकारियों को 45 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
इस संबंध में स्थानीय थाने में संबंधित शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जा चुकी है और पुलिस मामले का अनुसंधान कर रही है।
विभागीय आदेश के अनुसार, धरहरा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) द्वारा 14 अगस्त 2026 को प्रेषित जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता अमित रंजन ने लिखित आवेदन देकर शिक्षक पर नाबालिग छात्रा को बाल विवाह के लिए उकसाने का संगीन आरोप लगाया था।
तथ्य छिपाकर खुद को निर्दोष साबित करने का प्रयास; विभाग ने माना गंभीर अनुशासनहीनता
जांच प्रक्रिया के दौरान जब शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उन्होंने शिकायत के मुख्य बिंदुओं पर वास्तविक तथ्यों को छिपाते हुए खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश की। शिक्षा विभाग ने इसे पेशेवर आचरण और शिक्षक नियमावली के प्रतिकूल मानते हुए अत्यधिक गंभीर माना है।
विभाग का कहना है कि एक शिक्षक का काम समाज और विद्यार्थियों को कुरीतियों से बचाना है, न कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई और गैर-कानूनी कृत्य को बढ़ावा देना। इसी आधार पर शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बरियारपुर बीईओ कार्यालय बना मुख्यालय; 45 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश
निलंबित शिक्षक के विरुद्ध 'बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023' एवं संशोधित नियमावली, 2024 के कड़े प्रावधानों के तहत अनुशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बरियारपुर का कार्यालय तय किया गया है, जहां उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (धरहरा) को प्रस्तुतीकरण अधिकारी नियुक्त किया गया है।
विभाग ने दोनों अधिकारियों को सभी संबंधित अभिलेख और साक्ष्य उपलब्ध कराते हुए 45 दिनों की समय-सीमा के भीतर पूर्ण जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है, जिसके आधार पर शिक्षक की सेवामुक्ति या अन्य कठोर सजा तय होगी।
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