पिता से सीखा गोल्फ, हुनर के दम पर आयकर विभाग पहुंची मुंगेर जिले की सृष्टि रानी
जमालपुर की बेटी सृष्टि रानी ने गोल्फ में अपनी प्रतिभा के दम पर आयकर विभाग में स्पोर्ट्स कोटा से नौकरी ...और पढ़ें

पिता से सीखा गोल्फ, हुनर के दम पर आयकर विभाग पहुंची सृष्टि
HighLights
सृष्टि रानी ने गोल्फ से आयकर विभाग में नौकरी पाई।
पिता से प्रेरणा लेकर छह साल की उम्र में गोल्फ शुरू किया।
उनकी सफलता बेटियों के लिए करियर प्रेरणा बनी।
केएम राज, जमालपुर (मुंगेर)। हौसले बुलंद हों तो कामयाबी की राह खुद बन जाती है। इस कहावत को जमालपुर की बेटी सृष्टि रानी ने सच कर दिखाया है। गोल्फ के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली सृष्टि ने अब स्पोर्ट्स कोटा के तहत आयकर विभाग में नौकरी हासिल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
उनकी सफलता से जमालपुर में खुशी की लहर है। रेलवे कारखाना में कार्यरत रेलकर्मी संजय रजक और किरण कुमारी की पुत्री सृष्टि की गोल्फ से जुड़ने की कहानी भी प्रेरणादायक है। महज छह वर्ष की उम्र में पिता को गोल्फ खेलते देखकर उनके मन में भी इस खेल के प्रति रुचि जगी।
पिता के साथ गोल्फ मैदान जाने का सिलसिला धीरे-धीरे जुनून में बदल गया। इसके बाद सृष्टि ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। करीब 14 वर्षों तक लगातार अभ्यास और मेहनत के दम पर उन्होंने जमशेदपुर, रांची, पटना और कोलकाता में आयोजित विभिन्न गोल्फ प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया।
कई गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की और जमालपुर गोल्फ क्लब का मान बढ़ाया। नोट्रे डेम अकादमी की पूर्व छात्रा सृष्टि अपनी सफलता का श्रेय पिता की प्रेरणा और परिवार के सहयोग को देती हैं।
खेल के दम पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाली सृष्टि की उपलब्धि उन बेटियों के लिए मिसाल है, जो खेल को अपना करियर बनाना चाहती हैं। उनकी सफलता पर रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और खेल प्रेमियों ने बधाई दी है।
बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को जले दीप
रेलवे महिला कल्याण संगठन की ओर से डिवाइन रोज स्कूल परिसर में बेटियों के नाम दीप प्रज्वलित किए गए। संगठन की अध्यक्ष अनीता वर्णवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों, सदस्यों और शिक्षिकाओं ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प लिया।
अनीता वर्णवाल ने कहा कि बेटियों के नाम दीप जलाना उनके सुनहरे भविष्य के प्रति समाज की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। शिक्षा और मार्गदर्शन से बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी।
मौके पर करिश्मा प्रकाश सहित कई सदस्य मौजूद थीं। शालिनी मिश्रा, अनु कुमारी, विमला कुमारी, निवेदिता, नजीरा, शीला कुमारी, गुड़िया, नेहा भारद्वाज, शारदा और सरोज सहित कई ने कामना की।
सशक्त बेटी ही समाज-देश की पहचान: अनीता
रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष अनीता वर्णवाल ने कहा कि बेटियां परिवार की खुशहाली और समाज की मजबूती का आधार हैं। आज बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान, चिकित्सा और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं।
उन्हें समान अवसर, बेहतर शिक्षा और स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए। बेटियों के सपनों को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
मिले परिवार-और समाज का सम्मान: करिश्मा
रेल अधिकारी की पत्नी करिश्मा प्रकाश ने कहा कि बेटियों को परिवार का सहयोग और समाज का सम्मान मिले तो वे सफलता की नई ऊंचाइयां छू सकती हैं। आत्मनिर्भर बेटियां परिवार का गौरव बढ़ाने के साथ देश के विकास में भी योगदान देती हैं। बेटा-बेटी के बीच भेदभाव मिटाकर दोनों को समान अधिकार और अवसर देना जरूरी है।
बदल रही नई पीढ़ी की सोच: प्राजंलि
हसपुरी हसनगंज की प्राजंलि राज ने कहा कि नई पीढ़ी के साथ माता-पिता की सोच में भी सकारात्मक बदलाव आ रहा है। अब बेटियों की शिक्षा पर भी बेटों की तरह ध्यान दिया जा रहा है।
बेटियां शिक्षा, खेलकूद और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। उन्हें समान अवसर और प्रोत्साहन देकर ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
माता-पिता का मिले प्रोत्साहन, दिखेगा उड़ान: रितिका
रितिका कुमारी ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में पढ़ाई के साथ पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों के बीच सामंजस्य बनाकर आगे बढ़ना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में माता-पिता का सहयोग और प्रोत्साहन बेटियों के लिए बड़ी ताकत बनता है।
उन्होंने कहा कि हर परिवार अपनी बेटियों की शिक्षा और प्रतिभा को बढ़ावा दे तो बेटा-बेटी के बीच भेदभाव की सोच खत्म होगी।
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