विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पिता मंडल व लोहार, बेटी बन रही थी तांती! जमालपुर अंचल में रसीद एडिट कर जाति बदलने का भंडाफोड़, मुंगेर के कई आवेदन रद

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:17 PM (IST)

Munger Jamalpur Caste Certificate Fraud : जमालपुर अंचल कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र बनाने में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ ...और पढ़ें

Munger Jamalpur Caste Certificate Fraud : जमालपुर अंचल कार्यालय में फर्जी आवेदनों की जांच करतीं अंचलाधिकारी प्रीति कुमारी।

Munger Jamalpur Caste Certificate Fraud : जमालपुर अंचल कार्यालय में फर्जी आवेदनों की जांच करतीं अंचलाधिकारी प्रीति कुमारी।

HighLights

  1. जमालपुर अंचल में जाति प्रमाण पत्र फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ।

  2. राजस्व रसीदों में डिजिटल छेड़छाड़ कर जाति बदलने का प्रयास।

  3. अंचलाधिकारी ने दर्जनों आवेदन रद्द किए, सख्त कार्रवाई की चेतावनी।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। Munger Jamalpur Caste Certificate Fraud: मुंगेर जिले के जमालपुर अंचल कार्यालय में सरकारी योजनाओं व आरक्षण का नाजायज लाभ उठाने के लिए राजस्व दस्तावेजों में डिजिटल स्तर पर छेड़छाड़ कर जाति बदलने की साजिश का बड़ा मामला सामने आया है।

अंचल प्रशासन द्वारा आवेदनों की गहन जांच-पड़ताल के दौरान दर्जनों ऐसे मामले पकड़े गए हैं, जिनमें संलग्न राजस्व रसीद पर दर्ज जाति और आवेदन फॉर्म में दी गई जाति का विवरण पूरी तरह अलग-अलग पाया गया।

  • मुंगेर जिले के जमालपुर अंचल कार्यालय में राजस्व दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनाने का खुलासा

  • जांच में दर्जनों आवेदनों में राजस्व रसीद दर्ज जाति और आवेदन में दी गई जाति में भारी अंतर मिला; कई आवेदन किए गए रिजेक्ट

  • पिता की रसीद पर मंडल और लोहार दर्ज होने के बावजूद बेटियों के आवेदन में फर्जी तरीके से 'तांती' जाति दर्शाने का हुआ प्रयास

  • अंचलाधिकारी प्रीति कुमारी ने दी चेतावनी— डिजिटल छेड़छाड़ करने वाले सीएसपी संचालकों व संलिप्त लोगों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

दस्तावेजों में एडिटिंग (डिजिटल हेरफेर) कर गलत तथ्य प्रस्तुत करने की मंशा उजागर होने के बाद अंचल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अंचलाधिकारी (CO) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऐसे सभी संदिग्ध आवेदनों को रद्द कर दिया है।

प्रशासनिक जांच के दौरान फर्जीवाड़े के कई चौंकाने वाले उदाहरण सामने आए हैं। एक आवेदन में आवेदक के पिता का टाइटल राजस्व रसीद में 'मंडल' दर्ज था, जबकि बेटी के जाति प्रमाण पत्र के आवेदन में जाति 'तांती' भरी गई थी।

इसी तरह रानी देवी नामक आवेदक के कागजातों में पिता का नाम ईश्वर चंद्र मंडल और जाति 'लोहार' दर्ज होने के बावजूद आवेदन में जाति 'तांती' दर्शाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा धर्मेंद्र यादव, कविता कुमारी समेत दर्जनों अन्य आवेदनों में भी प्रस्तुत रसीद/कागजात और आवेदन के विवरण में साफ तौर पर भिन्नता पाई गई।

डिजिटल एडिटिंग का शक, जांच के घेरे में आए सीएसपी संचालक

अंचल प्रशासन को प्रबल आशंका है कि इन आवेदनों को तैयार करने के दौरान सीएसपी (ग्राहक सेवा केंद्र) या साइबर कैफे के स्तर पर डिजिटल एडिटिंग के जरिए सरकारी रसीदों में हेरफेर की गई है।

इस कारण क्षेत्र के कई सीएसपी संचालक अब अंचल प्रशासन की जांच के सीधे घेरे में आ गए हैं। प्रशासन अब इस बात की कड़ाई से पड़ताल कर रहा है कि ये आवेदन किस-किस साइबर कैफे या सीएसपी से ऑनलाइन किए गए और दस्तावेजों के मूल स्वरूप में बदलाव करने के पीछे किन-किन लोगों का हाथ है।

गलत तथ्य देना गंभीर अपराध

पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए जमालपुर की अंचलाधिकारी (CO) प्रीति कुमारी ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार विवाहित या अविवाहित महिलाओं का जाति प्रमाण पत्र उनके पिता की जाति और उनके राजस्व साक्ष्यों के आधार पर ही निर्गत किया जाता है।

उन्होंने कहा कि सरकारी दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करना या गलत तथ्य पेश करना एक गंभीर अपराध है। सीओ ने हिदायत दी कि मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद किसी भी बाहरी बिचौलिए या सीएसपी संचालक की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराकर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- घूस लेते वीडियो वायरल, मधेपुरा के सिविल सर्जन निलंबित, DM की रिपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग ने लिया एक्शन