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अब जमालपुर से देश में हाइस्पीड रेल की नई उड़ान, ट्रेनों की रफ्तार 160 प्लस करने की तैयारी

Published: Sat, 19 Sep 2026 04:27 PM (IST)

इरिमी जमालपुर और आईआईटी खड़गपुर ने हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए रेलवे अधिकारियों को प्रशिक्षित करने हेतु पांच साल का रणनीतिक समझौता किया है।

समझौता पत्र दिखाते डीन व आइआइटी खड़गपुर की व्याख्यता. सौ. इरिमी

समझौता पत्र दिखाते डीन व आइआइटी खड़गपुर की व्याख्यता. सौ. इरिमी

HighLights

  1. इरिमी और आईआईटी खड़गपुर ने 5 साल का समझौता किया।

  2. रेलवे अधिकारियों को हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

  3. वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के सुरक्षित संचालन पर जोर।

केएम राज, जमालपुर (मुंगेर)। देश की रफ्तार बढ़ाने वाली ट्रेनों के साथ अब जमालपुर भी कदमताल करेगा। भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (इरिमी) जमालपुर ने हाइस्पीड और आधुनिक रेल व्यवस्था के लिए तकनीकी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए इरिमी ने आइआइटी खड़गपुर के साथ पांच वर्ष का रणनीतिक समझौता किया है। 

दोनों संस्थान मिलकर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को वंदे भारत, एमईएमयू और आधुनिक ट्रेनसेट की विद्युत सुरक्षा, कर्षण प्रणाली और रखरखाव की अत्याधुनिक तकनीक में प्रशिक्षित करेंगे। यह पहल रेलवे की 160 किमी प्रति घंटे और उससे अधिक की रफ्तार वाली ट्रेनों के सुरक्षित संचालन की तैयारी को लेकर है। 

इरिमी के महानिदेशक अनिमेष सिन्हा ने बताया कि पाठ्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक और हाइस्पीड ट्रेनों के संचालन एवं रखरखाव के लिए रेलवे इंजीनियरों को उन्नत तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। स्पीड अपग्रेड योजना के साथ बदलती तकनीकी जरूरतों को देखते हुए यह प्रशिक्षण रेलवे के तकनीकी मानव संसाधन को भविष्य के लिए तैयार करेगा।

नवंबर में पहला बैच, 40 अफसर होंगे शामिल

आइआइटी खड़गपुर परिसर में दो सप्ताह का उच्चस्तरीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। पहले बैच का प्रशिक्षण 16 से 27 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसमें रेलवे के अलग-अलग जोन से चयनित 40 वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। अधिकारियों का चयन रेलवे बोर्ड करेगा। 

वंदे भारत और आधुनिक ट्रेनसेट, विद्युत सुरक्षा और कर्षण प्रणाली, उन्नत डायग्नोस्टिक्स, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, रेल विद्युतीकरण, कोच एसेट मैनेजमेंट के बारे में प्रशिक्षण दिए जाएंगे। 

आइआइटी की विशेषज्ञता, इरिमी का रेल अनुभव

यह साझेदारी केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी। आइआइटी की अकादमिक और तकनीकी विशेषज्ञता तथा इरिमी के लंबे रेल प्रशिक्षण अनुभव को एक मंच पर लाया जाएगा। प्रशिक्षण लेकर अधिकारी अपने-अपने जोन में लौटेंगे और आधुनिक तकनीकों को स्थानीय रखरखाव व्यवस्था में लागू करेंगे। 

इससे ट्रेनों की विश्वसनीयता, तकनीकी दक्षता और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इरिमी के डीन एवं वरिष्ठ प्रोफेसर प्रेम प्रकाश ने बताया कि इससे पहले आइआइटी पटना के साथ पायलट प्रशिक्षण कराया गया था। इसमें रेलवे बोर्ड ने देश के 16 जोन से 25 प्रशिक्षुओं को नामित किया था। 

प्रशिक्षण से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब इस कार्यक्रम का दायरा बढ़ाया गया है। नियमित बैच में अधिकारियों की संख्या 24 से बढ़ाकर 40 की जा सकेगी। 14 सितंबर को इरिमी के महानिदेशक और आइआइटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने औपचारिक मंजूरी दी। 

इससे पहले आठ सितंबर को आइआइटी खड़गपुर परिसर में इरिमी के डीन एवं वरिष्ठ प्रोफेसर प्रेम प्रकाश और आइआइटी खड़गपुर के डीन आफ आउटरीच प्रो. स्वागत दासगुप्ता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

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