मुंगेर में आधार कार्ड की शर्त ने रोकी कन्या उत्थान योजना की रफ्तार, 5 महीने में पहुंचे मात्र 2272 आवेदन
मुंगेर में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की प्रगति आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण धीमी पड़ गई है।
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एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में आधार कार्ड बना प्रगति में बाधा।
मुंगेर में चालू वित्तीय वर्ष में योजना की धीमी प्रगति।
अभिभावक छोटी बच्चियों का आधार कार्ड बनवाने से कतरा रहे।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। बाल विकास परियोजना द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना संचालित है।
प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना के तहत प्रसव पश्चात माता को पांच हजार तथा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत जन्म लेने वाली बच्चियों को दो किश्त में तीन हजार रुपया प्रोत्साहन राशि दिए जाने का प्रावधान है।
परंतु जिले में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं है। इस योजना में एक से दो साल की बच्चियों का आधार कार्ड जरूरी है, जो योजना की प्रगति में बाधक बन रहा है।
क्योंकि अधिकांश अभिभावक इतनी कम उम्र में बच्चियों का आधार कार्ड नहीं बनाते हैं, जिस कारण योजना की गति काफी धीमी है।
जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुंगेर जिला मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में लक्ष्य 12704 आवेदन के विरूद्ध 117 प्रतिशत उपलब्धि के साथ समूचे जिला में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में पांच माह के बाद लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 2272 आवेदन ही इस योजना के तहत अपलोड हो पाया है, जो लक्ष्य का मात्र 46 प्रतिशत है।
वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी 10426 आवेदन अपलोड कर मुंगेर जिला समूचे राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक पीएम मातृ वंदन योजना के तहत 3664 आवेदन अपलोड किया गया है।
बता दें कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत जन्म लेने वाली बच्चियों को बाल विकास परियोजना द्वारा दो किश्त में तीन हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
प्रथम किश्त की राशि दो हजार जन्म के बाद जबकि द्वितीय किश्त की राशि बच्ची के एक से दो साल तक उम्र पूरा करने पर मां के बैंक खाता में भेजी जाती है। लेकिन द्वितीय किश्त के लिए एक से दो साल की बच्ची का आधार कार्ड जरूरी है।
लेकिन इतनी कम उम्र में कोई अभिभावक बच्ची का आधार कार्ड नहीं बनाते हैं। वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत गर्भवती महिला को प्रसव के पश्चात पांच हजार की प्रोत्साहन राशि दो बच्चों तक प्रदान की जाती है।
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अभिभावकों द्वारा एक से दो वर्ष की बच्चियों का आधार कार्ड नहीं बनाने के कारण योजना की गति धीमी है। सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को अधिक से अधिक बच्चियों का आधार कार्ड बनवा कर आवेदन अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। ताकि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुख्यमंत्री कन्या उत्थान और पीएम मातृ वंदन योजना में मुंगेर जिला की उपलब्धि बेहतर हो सके।
रश्मि सिन्हा, डीपीओ, बाल विकास परियोजना, मुंगेर।
