यमुना एक्सप्रेसवे पर 9 लोगों को मौत देने वाली बस मधुबनी में रजिस्टर्ड, मुजफ्फरपुर से परमिट; राजस्थान से फिटनेस
Yamuna Expressway Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए बस अग्निकांड में 9 लोगों की मौत का संबंध मधुबनी से सामने ...और पढ़ें
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यमुना एक्सप्रेसवे पर राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में लगी थी आग। फोटो: जागरण
HighLights
यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में 9 लोगों की मौत हुई।
बस मधुबनी में पंजीकृत, मुजफ्फरपुर से परमिट जारी हुआ था।
19 चालान लंबित होने के बावजूद बस का परिचालन जारी था।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। Madhubani Transport Department: यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात दिल्ली से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रेवल्स की बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत के मामले का तार मधुबनी से जुड़ गया है।
हादसे का शिकार हुई बीआर32पीए8647 नंबर की बस मधुबनी से निबंधित है और कानपुर के एक कारोबारी की बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि बस पर 19 चालान लंबित थे और भुगतान नहीं होने के बावजूद इसका परिचालन जारी था।

तीन राज्यों से जुड़े कागजात
बस का निबंधन मधुबनी में एक एजेंसी के माध्यम से हुआ है, जबकि इसका परमिट मुजफ्फरपुर परिवहन विभाग से जारी किया गया है। वहीं, बस का फिटनेस प्रमाण पत्र राजस्थान के मरुधारा वाहन फिटनेस सेंटर से बना हुआ है।
निबंधन फॉर्म में दर्ज फोन नंबर गलत पाया गया है और स्थानीय पता भी सत्यापित नहीं है। निबंधन में स्थायी पता दिल्ली का दिया गया है, जबकि मधुबनी का स्थानीय पता भच्छी मुहल्ला, स्टेडियम से आगे, नगर थाना, मधुबनी दर्ज है।
इस पते का भी सत्यापन नहीं किया गया है। मुजफ्फरपुर आरटीए से जारी परमिट (बीआर2023-एआईटीपी-0027ए) आठ अप्रैल, 2023 से सात अप्रैल, 2028 तक के लिए है।

2027 तक का फिटनेस प्रमाणपत्र
यह टूरिस्ट परमिट ऑल इंडिया के लिए जारी किया गया है। राजस्थान के मरुधारा वाहन फिटनेस सेंटर (कोड-50052) ने 10 फरवरी, 2025 से 31 मार्च, 2027 तक के लिए बस का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया था। बस का अगला निरीक्षण 30 जनवरी, 2027 को निर्धारित था।
टीआर के आधार पर निबंधन
मामले में मधुबनी के जिला परिवहन पदाधिकारी श्रीरामबाबू ने बताया कि संबंधित वाहन का निबंधन टीआर (ट्रेड रजिस्ट्रेशन) के आधार पर हुआ है।
प्रावधान के अनुसार किसी अन्य जिले से वाहन खरीदकर टीआर के माध्यम से लाए जाने पर संबंधित जिले में ऑनलाइन आवेदन कर निबंधन कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वाहन का परमिट आरटीए मुजफ्फरपुर की ओर से जारी किया गया है।

स्थानीय पते की होगी जांच
स्थानीय पते के सत्यापन के सवाल पर डीटीओ ने कहा कि एमवीआई के माध्यम से वेरिफिकेशन के बाद ही निबंधन किया जाता है। इस मामले में मधुबनी से वेरिफिकेशन और निबंधन कैसे हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में विस्तार से जानकारी दी जा सकेगी।
परिवहन विभाग अब यह भी खंगाल रहा है कि मधुबनी कार्यालय से कितने ऐसे वाहन निबंधित हैं, जिनके मूल निवास का पता उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों का है। बस पर लंबित 19 चालान और भुगतान के बावजूद परिचालन जारी रहने के मामले में भी परिवहन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
