विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मधुबनी में दहेज में बाइक और भैंस की मांग: 10 लाख खर्च के बाद भी पीड़िता को बच्चे संग निकाला; पति ने की दूसरी शादी

Published: Tue, 13 Oct 2026 02:08 PM (IST)

मधुबनी में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को 10 लाख रुपये खर्च के बावजूद बच्चे समेत ...और पढ़ें

मधुबनी में दहेज में बाइक और भैंस की मांग (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

मधुबनी में दहेज में बाइक और भैंस की मांग (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. 10 लाख खर्च के बावजूद दहेज में बाइक-भैंस की मांग।

  2. विवाहिता को दुधमुंहे बच्चे समेत घर से निकाला गया।

  3. पति पर दूसरी शादी करने और प्रताड़ित करने का आरोप।

संवाद सहयोगी, पंडौल। बेटी का घर बसाने के लिए पिता ने शादी में करीब 10 लाख रुपये खर्च किए। पांच लाख रुपये नकद, दो भर सोना, रंगीन टीवी, बर्तन-कपड़े समेत अन्य सामान दिए। इसके बावजूद मोटरसाइकिल और दुधारू भैंस की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता को प्रताड़ित कर दुधमुंहे बच्चे समेत घर से निकालने का आरोप लगा है। 

पीड़िता ने पति पर दूसरी शादी करने का भी आरोप लगाया है। मामले में पंडौल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामला पंडौल थाना क्षेत्र के संकोर्थ वार्ड संख्या 11 का है। पीड़िता की शादी मई 2024 में भैरवस्थान थाना क्षेत्र के बलाट वार्ड संख्या सात निवासी लखलाल उर्फ लखीचंद यादव से हुई थी। 

दहेज में बाइक और दुधारू भैंस की मांग 

पीड़िता के अनुसार, शादी के कुछ दिनों बाद ही पति, सास अरहुला देवी, ससुर मंगल यादव समेत अन्य ससुराल वालों ने दहेज में बाइक और दुधारू भैंस की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर भूखा रखने, घर में बंद करने और मारपीट करने का आरोप है। 

पीड़िता ने बताया कि अगस्त में भी मारपीट कर गहने-कपड़े छीन लिए गए और बच्चे समेत घर से निकाल दिया गया। समाज की पंचायत के बाद भी प्रताड़ना नहीं रुकी। आठ अक्टूबर को फिर घर से निकाले जाने के बाद वह मायके आ गई। इसी बीच उसे पति की दूसरी शादी की जानकारी मिली। 

बच्चे को जबरन ले जाने मायके पहुंचा

आरोप है कि 10 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे पति बच्चे को जबरन ले जाने मायके पहुंचा। शोर सुनकर ग्रामीण जुट गए और उसे घेर लिया। सूचना पर पुलिस को बुलाया गया। थानाध्यक्ष शिल्पी कुमारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

यह भी पढ़ें- किस मां ने झाड़ियों में फेंका नवजात? मधुबनी की औंसी पुलिस बनी देवदूत, अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान