मधुबनी। मानसून की पहली बारिश से शहर पानी-पानी हो जाता है। फिर आनन-फानन में शहर के जाम नाला की सफाई के नाम पर लाखों रुपये की बंदरबांट शुरू हो जाती है। इससे जुड़े पदाधिकारी, कर्मियों और कुछ पार्षदों के लिए आमदनी का रास्ता खुल जाता है। बहरहाल हजारों में खर्च को फाइलों में लाखों दिखाकर खेल को अंजाम दिया जाता है। मानसून आने से पूर्व शहर में कैनालों की सफाई कार्य शुरू नहीं हो सकी है। इधर, वाट्सन, किग्स व राज कैनालों का पक्कीकरण कार्य मंगलवार को भी शुरू नहीं हो सका। शहरी क्षेत्र में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हल्की बारिश से ही शहर के कई मोहल्लों में जलजमाव की स्थिति गंभीर हो जाती है। बारिश से पहले नाला की सफाई नहीं होने या फिर नए नाला का निर्माण नहीं होने से बरसात में जलजमाव के बीच लोगों की फजीहत होती है।

तालाब से जलनिकासी की व्यवस्था अबतक बहाल नहीं: शहर के वार्ड 30 स्थित रेलवे गुमटी दस सी के निकट एक पुल से सटे तालाब से जलनिकासी की व्यवस्था अबतक बहाल नहीं होने से वार्ड के प्रगति नगर कॉलोनी, बुद्धनगर, यादव टोल, ब्रह्मस्थान मोहल्ला, डीएम आवास का पिछला हिस्सा, एसपी आवास के सामने मस्जिद परिसर, ईदगाह तथा वार्ड 21 में रेलवे लाइन तक बरसात के दिनों में जलजमाव से लोगों को घर से निकलना मुश्किल होता है। प्रगति कॉलोनी के कई हिस्सों में नाला नहीं होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मालूम हो कि कई वर्ष पूर्व भारी जलजमाव को देखते हुए रेलवे गुमटी से ककना गांव तक रेलवे लाइन से सटे केनाल की सफाई की गई थी। मार्च 2019 में करीब 21 लाख की लागत से मो. इजहारूल हक के घर से किशोरी सिंहा के घर तक नाला निर्माण की योजना बनाई गई थी। इसपर अबतक कार्य शुरू नहीं हो सका है।

फाइलों में धूल फांक रहा नाला निर्माण की योजना: वार्ड पार्षद प्रभावती देवी ने बताया कि नगर परिषद कार्यालय की उदासीनता से वार्ड 30 प्रतिवर्ष बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या झेलने को अभिशप्त है। वार्ड 30 को जलजमाव से निजात दिलाने के लिए अबतक बनी योजना फाइलों में धूल फांक रहा है। वार्ड के राम परीक्षण के घर से ब्रह्मदेव महतो के घर तक, रेलवे गुमटी स्थित श्याम यादव के घर से रेलवे केनाल तक नाला का निर्माण नहीं होने से बरसात के दिनों में बड़ी आबादी को जलजमाव झेलना पड़ता है। वर्ष 2017 में जलनिकासी के कार्य के दौरान खर्च किए गए करीब तीस हजार रुपये का नगर परिषद कार्यालय में कही लेखा-जोखा नहीं मिल रहा है। इससे राशि का भुगतान भी नहीं हो सका। वहीं मुख्य पार्षद सुनैना देवी ने कहा कि वार्ड 30 सहत नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डो को नाला से जोड़ने की योजना बनाई गई है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की उदासीनता के कारण प्रस्तावित योजना फाइलों में लटकी पड़ी है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस