मधुबनी को मिलेगा मिथिला संस्कृति का नया केंद्र, कोषागार के पीछे बनेगा सांस्कृतिक पार्क
मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में जिला कोषागार के पीछे 15-20 लाख रुपये की लागत से मिथिला सांस्कृतिक पार्क का निर्माण ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। मधुबनी नगर निगम क्षेत्र में मिथिला की कला, संस्कृति और परंपरा को समर्पित मिथिला सांस्कृतिक पार्क का निर्माण कराया जाएगा। शहर में जिला कोषागार के पीछे स्थित जमीन पर नगर निगम की ओर से इस पार्क का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।
15 से 20 लाख तक किए जाएंगे खर्च
पार्क के निर्माण पर करीब 15 से 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम की कायाकल्प योजना के तहत पार्क का निर्माण कराया जाएगा। मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए पार्क को विकसित करने की योजना बनाई गई है।
मिथिला की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का अवसर
शहर के बीचोंबीच बनने वाले इस पार्क से लोगों को मनोरंजन के साथ मिथिला की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का अवसर मिलेगा। पार्क के विकसित होने के बाद यहां स्थानीय लोगों के अलावा शहर में आने वाले लोगों को भी आकर्षित करने की उम्मीद है।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, पार्क के निर्माण में उपलब्ध स्थल का बेहतर उपयोग करने के साथ इसे आकर्षक रूप देने पर जोर रहेगा।
पार्क में लोगों के बैठने और घूमने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही मिथिला की कला एवं संस्कृति से जुड़े प्रतीकों और स्वरूपों को भी स्थान दिए जाने की योजना है।
नगर निगम की ओर से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विकास एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में मिथिला सांस्कृतिक पार्क का निर्माण भी महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
निगम की कायाकल्प योजना के तहत इस कार्य को आगे बढ़ाने की तैयारी है। योजना के क्रियान्वयन के बाद शहर के लोगों को एक नए सार्वजनिक स्थल की सुविधा मिलेगी।
नगर निगम के मेयर अरुण राय ने कहा कि मिथिला की अपनी विशिष्ट कला, संस्कृति और परंपरा है। शहर में मिथिला सांस्कृतिक पार्क का निर्माण इसी सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल है।
जिला कोषागार के पीछे उपलब्ध जमीन पर करीब 15 से 20 लाख रुपये की लागत से कायाकल्प योजना के तहत पार्क विकसित कराया जाएगा। पार्क को आकर्षक और उपयोगी बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हो सके।
