मधुबनी में समय से मिलेगी इंजरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र में भी नहीं होगी देरी
Injury Report Postmortem Delay Bihar: स्वास्थ्य विभाग मधुबनी ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जख्म प्रतिवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ...और पढ़ें

प्रमाणपत्रों और रिपोर्ट में होने वाले विलंब के लिए अस्पताल प्रबंधकों की जवाबदेही तय की जाएगी।
HighLights
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जख्म रिपोर्ट जारी करने में देरी पर सख्ती।
सिविल सर्जन ने साप्ताहिक समीक्षा प्रणाली लागू की, जवाबदेही तय।
आशा कार्यकर्ता जरूरतमंदों की सूची बनाएंगी, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। Madhubani Health Department: सरकारी अस्पतालों में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, जख्म प्रतिवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करने में हो रही देरी को लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है।
सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र कुमार ने जिले के सभी अस्पतालों के लिए साप्ताहिक समीक्षा प्रणाली लागू कर दी है। अब प्रमाणपत्रों और रिपोर्ट में होने वाले विलंब के लिए अस्पताल प्रबंधकों की जवाबदेही तय की जाएगी।
साप्ताहिक प्रतिवेदन देना अनिवार्य
सिविल सर्जन के आदेश अनुसार सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी को निर्धारित प्रपत्र में हर सप्ताह प्रतिवेदन देना होगा।
इसका मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों की पहचान कर उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना है। लगातार मिल रही जनशिकायतों के बाद विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।
शनिवार को समीक्षा बैठक
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र की स्थिति को लेकर हर शनिवार को संस्थानवार साप्ताहिक रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय भेजना अनिवार्य कर दिया गया है।
रिपोर्ट में सप्ताह भर में जारी हुए और लंबित पड़े आवेदनों की संख्या दर्ज करनी होगी। इसके अलावा आवेदक को प्रमाणपत्र सौंपने की तिथि और देरी का स्पष्ट कारण बताना होगा।
एक सप्ताह में प्रविष्टि
घटना के एक सप्ताह के भीतर संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन एंट्री करनी होगी। इसके लिए प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और अस्पताल प्रबंधक को सीधे तौर पर जिम्मेदार बनाया गया है। समय सीमा के भीतर एंट्री न होने पर संबंधित प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को पुलिस रिपोर्ट
जख्म प्रतिवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय से न मिलने से पुलिस अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।
इस समस्या से निपटने के लिए अलग से विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। सभी अस्पतालों को पोस्टमार्टम और जख्म प्रतिवेदन से संबंधित पंजी का संधारण करना होगा।
समीक्षा रिपोर्ट कोर्ट भेजी
प्रत्येक सोमवार को इस पंजी की समीक्षा रिपोर्ट सिविल सर्जन के सामने प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट में कांड संख्या, जख्मी या मृतक का नाम, रिपोर्ट निर्गत करने की तिथि और विलंब का कारण बताना होगा। इस आदेश की प्रतिलिपि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।
आशा कार्यकर्ता बनाएंगी सूची
स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। सभी आशा कार्यकर्ता हर वार्ड में गर्भवती महिलाओं, छह वर्ष तक के बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों की सूची तैयार करेंगी। इस पहल से जरूरतमंद आबादी तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान हो सकेगी।
