मधुबनी में SP के फर्जी हस्ताक्षर से एजी को भेजा पत्र, पूर्व पेंशन प्रभारी दारोगा पर प्राथमिकी
मधुबनी पुलिस महकमे में पेंशन से जुड़े मामले में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसमें तत्कालीन पेंशन शाखा प्रभारी एसआई ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। पेंशन से जुड़े एक मामले में मधुबनी पुलिस महकमे में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। तत्कालीन पेंशन शाखा प्रभारी एसआई उग्रसेन पासवान पर वरीय पुलिस पदाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर महालेखाकार, बिहार पटना को पत्र भेजने का आरोप लगा है। महालेखाकार कार्यालय की आपत्ति के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पारिवारिक पेंशन से जुड़ा मामला
मामला स्व. महावीर झा की पत्नी कमलमुखी देवी के पारिवारिक पेंशन पुनरीक्षण से संबंधित है। महालेखाकार कार्यालय की ओर से 23 फरवरी 2026 को मधुबनी पुलिस को पत्र भेजा गया था। इसमें पेंशन से संबंधित पत्रों पर अधिकारियों के हस्ताक्षर में अंतर पाए जाने पर आपत्ति जताई गई थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कराई गई।
एएसपी ने की मामले की जांच
एसएसपी योगेन्द्र कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक रश्मि ने पूरे मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन पेंशन शाखा प्रभारी ने वरीय पदाधिकारी की अनुमति लिए बिना स्वयं हस्ताक्षर कर महालेखाकार कार्यालय को पत्र भेजे। जांच के दौरान ऐसे कई पत्रों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
2023 के पत्र पर भी सवाल
जांच में 8 दिसंबर 2023 को भेजे गए एक पत्र का भी उल्लेख किया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) के स्थान पर तत्कालीन पेंशन प्रभारी द्वारा स्वयं हस्ताक्षर किए जाने का आरोप है। इससे पेंशन से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया और उनमें अधिकारियों के हस्ताक्षर को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
जालसाजी की प्राथमिकी
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी योगेन्द्र कुमार के आदेश से नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में जालसाजी और फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से वित्तीय मामले में धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और पत्राचार की जांच कर रही है।
