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एक सप्ताह की मोहलत मांग रहे थे राजेंद्र ठाकुर... गिड़गिड़ा रहा था पूरा परिवार

By Braj mohan mishraEdited By: Dharmendra Singh
Published: Tue, 16 Jun 2026 07:26 PM (IST)

मधुबनी के अधवारी गांव में जमीन विवाद के दौरान राजेंद्र ठाकुर ने खुद को आग लगा ली, जब उनका परिवार ...और पढ़ें

घटना स्थल पर मौजूद टीम व जुटी स्थानीय लोगों की भीड़।

घटना स्थल पर मौजूद टीम व जुटी स्थानीय लोगों की भीड़।

HighLights

  1. मधुबनी में जमीन विवाद के दौरान बुजुर्ग ने खुद को आग लगाई।

  2. परिवार ने दबंगों पर घर में घुसकर आग लगाने का आरोप लगाया।

  3. प्रशासन ने गांव में पुलिस बल तैनात किया, मामले की जांच जारी।

ब्रज मोहन मिश्र, मधुबनी । मैंने विवादित भूमि से करीब 12 फीट की दूरी पर सड़क की दूसरी ओर कुर्सी लगाकर बैठ गया था। जिसके पक्ष में डिग्री हुई थी वह मानने को तैयार नहीं था।

राजेंद्र ठाकुर और उनका परिवार एक सप्ताह की मोहलत मांग रहा था। परिवार गिड़गिड़ा रहा था। करीब तीन घंटे का समय मापी और गतिरोध में बीत गया था। जब महेंद्र यादव नहीं माना तब सामान निकालने को कहा गया।

लगभग साढ़े चार बजे अचानक देखा राजेंद्र ठाकुर के घर, जिसको लेकर विवाद है, से धुआं उठने लगा जैसे कुछ समझ पाता। देखा राजेंद्र ठाकुर का शरीर आग की लपटों में धधक रहा है और वह छटपटाते हुए मेरी ओर हाथ फैलाए भागे आ रहे हैं।

मैं डर गया। कुर्सी छोड़कर भागा, मेरे साथ होमगार्ड का जवान था वह भी भागा। आज तक जीवन में ऐसा दृश्य नहीं देखा था। यह सब कहना है मेजिस्ट्रेट की भूमिका में वहां गए बेनीपट्टी के सीओ अभिषेक आनंद का।

उन्होंने बताया कि गतिरोध को देखते हुए पंचायत के मुखिया को भी बुला लिया गया था। राजेंद्र ठाकुर परिवार एक सप्ताह की मोहलत मांग रहा था। क्योंकि घर के पास कुछ भी ऐसा नहीं था जहां सामान रखा जा सके।

मगर विपक्ष के लोग समय देने को तैयार नहीं थे। एक बार तो राजेंद्र ठाकुर की बेटी ने फांसी भी लगाने की कोशिश की। सीओ कहते हैं कि यहां मानवीय दृष्टिकोण जरूर दिखाना चाहिए था।

यह पूछे जाने पर कि घर के अंदर पीछे से जाया जा सकता था उन्होंने कहा हां। घर का अगला हिस्सा कच्चा है। हालांकि मैंने देखा नहीं। घटना के बाद लोग बहुत आक्रोशित हो गए थे।

आक्रोशित लोग प्रशासन पर टूट पड़े। शरीर में आग लगने से जख्मी बुजुर्ग राजेंद्र ठाकुर 60 वर्ष की पुत्री कविता देवी एवं भावो शीला देवी गांव के दबंग लोगों पर घर में घुसकर राजेंद्र ठाकुर को आग लगाने का आरोप लगा रहे हैं।

गांव में घटना के बाद पुलिस बल तैनात हैं। अब लोग कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। कविता देवी रोती बिखरती हुई कहती है कि मेरे पति राजेंद्र ठाकुर घर में दवा खाने गए थे। उसी दौरान उन्हें आग लगा दी गई। जबकि उनकी भावो शीला देवी कहती हैं एक सप्ताह पूर्व से ही हमलोगों को धमकी दी जा रही थी। आज दबंगों ने पूरा कर दिया।

घटना के बाद एसडीएम शारंग पाणि पांडेय एवं एसडीपीओ अमित कुमार, पुलिस निरीक्षक नीरज कुमार वर्मा, दल बल के साथ पहुंचकर गांव में जख्मी परिजन से मुलाकात कर विभिन्न बिंदुओं पर घटना के संबंध में जानकारी ली। एसडीएम तथा एसडीपीओ ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से गांव में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। गांव में माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण है। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

  • अधवारी गांव में बुजुर्ग के शरीर में आग लगने के पहले विरोधी पक्ष के अमानवीय रवैए के आगे प्रशासन ने टेक दिए थे घुटने
  •  1 कट्टा 11 धूर जमीन को लेकर चल रहा था विवाद, राजेंद्र ठाकुर का कहना था कि पहले उनके पक्ष में फैसला हुआ था, बाद में महेंद्र यादव के पक्ष में
  • - मेजिस्ट्रेट बनकर गए सीओ अभिषेक आनंद ने कहा जीवन में पहले ऐसा दृश्य नहीं देखा

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