मधुबनी के गांवों में फिर बजेगी दूध की घंटी, 355 नई समितियां बनाने के लिए खास प्लान
Milk Production in Bihar : मधुबनी में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 355 नई दुग्ध उत्पादक ...और पढ़ें

Madhubani Dairy: दूध शीतक केंद्र लहेरियागंज में दूध कंटेनर व अन्य सामान रिसीव करती फुलपरास के एक समिति की सचिव। जागरण
HighLights
2026-27 तक 355 नई दुग्ध समितियां गठित करने का लक्ष्य।
88 नई समितियां बनीं, 20 पुरानी समितियां फिर से सक्रिय।
पशुपालकों को चारा, प्रशिक्षण, दूध बिक्री जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। Madhubani Milk Collection : बिहार के मधुबनी जिले में दुग्ध उत्पादन और दूध संग्रह का दायरा बढ़ाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 355 नई दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियां गठित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके तहत 25 सितंबर तक 88 नई समितियों का गठन किया जा चुका है। साथ ही विभिन्न कारणों से वर्षों से बंद पड़ी पुरानी समितियों को भी पुनर्जीवित किया जा रहा है।
अब तक करीब 20 बंद समितियां फिर सक्रिय की जा चुकी हैं। मिथिला दुग्ध उत्पादक सहयोग संघ की ओर से नई समितियां ऐसे गांवों में गठित की जा रही हैं, जहां पहले से कोई दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति संचालित नहीं है।
इसके लिए गांव-गांव अभियान चलाकर पशुपालकों को समिति से जुड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्हें दुग्ध संघ की ओर से मिलने वाली सुविधाओं और दूध बिक्री की सहकारी व्यवस्था की जानकारी भी दी जा रही है।
तीन माह में पांच हजार लीटर बढ़ा संग्रह
नई समितियों के गठन और पुरानी समितियों को सक्रिय करने का असर दूध संग्रह पर भी दिख रहा है। पिछले करीब तीन माह में जिले में लगभग पांच हजार लीटर दूध का संग्रह बढ़ा है।
सुधा दूध शीतक केंद्र के प्रभारी पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि समितियों के विस्तार और बंद समितियों के पुनर्जीवन से दूध संग्रह को और बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
644 समितियां गठित, 252 दे रहीं दूध
सुधा दूध शीतक केंद्र लहेरियागंज के प्रभारी पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि जिले में अब तक 644 दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियां गठित हो चुकी हैं। इनमें से फिलहाल 252 समितियां ही डेयरी को दूध उपलब्ध करा रही हैं।
शेष समितियों को सक्रिय करने की दिशा में काम चल रहा है। जिले में नौ सुपरवाइजर के माध्यम से नई समितियों के गठन के साथ बंद पड़ी समितियों को भी पुनर्जीवित किया जा रहा है।
समिति से जुड़ने पर पशुपालकों को मिलती हैं कई सुविधाएं
दूध उत्पादक सहयोग समिति से जुड़ने वाले पशुपालकों को दूध बिक्री के साथ कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। समिति के माध्यम से पशुओं के लिए विभिन्न प्रकार के चारे व पशु आहार कम दर पर उपलब्ध कराए जाते हैं।
साथ ही सदस्यों को पशुपालन एवं कृत्रिम गर्भाधान (एआई) का नि:शुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाता है। सुधा दूध शीतक केंद्र, लहेरियागंज के प्रभारी पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। समिति से जुड़ने पर उन्हें दूध की नियमित बिक्री के साथ पशु आहार और प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ मिलता है।
