यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्चों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को सौंपा चार्टर ऑफ डिमांड्स
बच्चों के चार सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को जिला पदाधिकारी से मिलकर चार्टर ऑफ डिमांड्स सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने ...और पढ़ें

मधुबनी । बच्चों के चार सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को जिला पदाधिकारी से मिलकर चार्टर ऑफ डिमांड्स सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में मिला। बच्चों का प्रतिनिधि मंडल ने जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रीतम कुमार रतन, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी नलिनी कुमारी, नगर थाना के पुलिस अधिकारी इंदल यादव व मिथलेश सिंह, जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष बिदू भूषण ठाकुर व इस समिति के सदस्यों से भी भेंट किया।
समाज कल्याण विभाग एवं यूनिसे़फ द्वारा राष्ट्रीय बाल दिवस 14 नवंबर से लेकर विश्व बाल दिवस 20 नवंबर तक बाल अधिकार सप्ताह मनाया जा रहा है। बाल अधिकार सप्ताह के दौरान बाल दरबार का आयोजन के लिए बच्चों का प्रतिनिधि मंडल ने विभिन्न अधिकारियों से भेंट किया। अधिकारियों से मुलाकात के दौरान बच्चों का प्रतिनिधि मंडल ने बच्चों एवं किशोर-किशोरियों के द्वारा बीते 14 नवंबर को यूनिसेफ के सहयोगी प्रथम संस्था के सहयोग से आयोजित बाल दरबार में अपनी समस्याओं, मुद्दों व अधिकारों को लेकर तैयार किए गए चार्टर ऑ़फ डिमांड्स और सुझाव सौंपा। इस दौरान डीएम अमित कुमार, जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रीतम कुमार रतन, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी नलिनी कुमारी, नगर थाना के पुलिस अधिकारी इंदल यादव व मिथलेश सिंह, जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष बिदू भूषण ठाकुर, समिति के सभी सदस्य ने राज्य सरकार एवं यूनिसे़फ की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन सभी मुद्दे पर संबंधित विभाग से संपर्क किया जाएगा। मांगों पर पूरी तरह सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। पदाधिकारियों से मिलकर और उनसे बातचीत कर बच्चे-बच्चियां काफी उत्साहित हुई। किशोरी सुरुची कुमारी ने कहा कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए। किशोरी खुशबु कुमारी ने बाल विवाह रोकने के लिए ग्राम स्तरीय समिति के गठन की आवश्यकता पर बल दिया। किशोर संजीत कुमार ने सड़क और नाला की मरम्मत कराने पर बल दिया। किशोरी अंजली कुमारी ने कहा कि खेलने के लिए हर ग्राम में खेल मैदान और साहित्य (सामग्री) की सुविधा सुनिश्चित की जानी चाहिए। पदाधिकारियों ने बच्चों की की बातों को गंभीरता से सुना और उनके सवालों का जवाब भी दिया।
अधिकारियों से बच्चों का प्रतिनिधि मंडल के मुला़कात के दौरान प्रथम के जिला समन्वयक अशोक मोहिते, प्रखंड समन्वयक नौशाद आलम, निकेश कुमार, ललित आदि भी मौजूद रहे।
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