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PM Awas Yojana : मधुबनी में पहले सूची से नाम काटा, अब जोड़ने के लिए मांगे जा रहे रुपये

Published: Sun, 04 Oct 2026 06:25 PM (IST)

मधुबनी के बासोपट्टी प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। पात्र लाभुकों के नाम सूची ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

संवाद सहयोगी, बासोपट्टी (मधुबनी)। बासोपट्टी प्रखंड के सभी पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। आरोप है कि पात्र लाभुकों के नाम सूची से काट दिए गए हैं और अब उन्हीं नामों को जोड़ने के नाम पर बिना विभागीय आदेश के फार्म भरवाए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायतों में अपात्र लाभुकों का नाम जोड़ने के लिए 2 हजार से 5 हजार रुपये तक अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं।

लाभ से वंचित त्रिपुला देवी, मंजू देवी, बिंदु देवी, लीला देवी, मनोज सिंह आदि ने बताया कि जियो टैग के समय कर्मी ने दो हजार रुपये की मांग की थी। पैसा नहीं देने पर उनका नाम लिस्ट से काट दिया गया, जबकि पैसा देने वालों के नाम सूची में बने हुए हैं।

ताज्जुब की बात है कि सूची में अधिकांश ऐसे नाम हैं, जिन्हें वर्ष 2010 से 2020 के बीच पहले ही आवास योजना का लाभ मिल चुका है। इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सवाल है कि जब पात्रों के नाम पहले शामिल थे तो किन आधारों पर हटाए गए और फार्म भरवाने का आदेश किसने दिया? ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवार आवास की आस में सरकारी कार्यालयों और पंचायतों के चक्कर काट रहे हैं। यदि नाम जोड़ने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं तो यह बेहद गंभीर विषय है।

बिना आदेश के फार्म भरवाने पर उठे सवाल, डीडीसी ने कहा, गलत है, होगी जांच

मामले में कर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। नाम नहीं बताने की शर्त पर पूर्व आवास सहायक ने बताया कि जियो टैग के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा पंचायत सचिव के माध्यम से कुछ लाभुकों के नाम हटवाए गए थे, हालांकि पंचायत सचिवों ने इससे इनकार किया है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण विकास विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मांग है कि पंचायतवार लाभुक सूची, चयन का आधार, नाम हटाने और जोड़ने से संबंधित आदेश तथा अभिलेखों की जांच की जाए।

यदि अवैध वसूली की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई हो। इस पर उप विकास आयुक्त तुषार कुमार ने कहा कि पीएम आवास की आगे की प्रक्रिया बीडीओ, आवास सहायक के माध्यम से ही होगी।

बिना आदेश के इस प्रकार का कार्य हो रहा है तो वह गलत है। उन्होंने बताया कि आगे मुख्यमंत्री आवास योजना को लेकर पंचायतों में आवेदन लिए जाएंगे, जिसमें वंचित पात्र लाभुकों को शामिल किया जाएगा।

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