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Bihar News : मंदिर जाने से पहले भगवान को देना पड़ा कस्टम का हिसाब, 30 घंटे बॉर्डर पर चलती रही प्रक्रिया

By Brijmohan mishraEdited By: Dharmendra Singh
Published: Thu, 08 Oct 2026 06:24 PM (GMT+05:30)

Madhubani Latest News : भारत-नेपाल सीमा पर राजस्थान से नेपाल ले जाई जा रही दुर्गा समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां ...और पढ़ें

भारत-नेपाल सीमा पर देवी-देवताओं की मूर्तियां।

भारत-नेपाल सीमा पर देवी-देवताओं की मूर्तियां।  

HighLights

  1. राजस्थान से नेपाल जा रही थीं दुर्गा समेत अन्य मूर्तियां।

  2. बेतौंहा बॉर्डर पर कस्टम क्लीयरेंस के अभाव में रुकीं 30 घंटे।

  3. शुल्क चुकाने के बाद मिली नेपाल जाने की अनुमति।

जागरण संवाददाता, जयनगर (मधुबनी)। भारत-नेपाल सीमा पर इन दिनों एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। मंदिर में स्थापना के लिए राजस्थान से नेपाल ले जाई जा रही दुर्गा प्रतिमा समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी सीमा पर कस्टम की प्रक्रिया में अटक गईं। करीब 30 घंटे तक बेतौंहा बॉर्डर पर रुकी मूर्तियां कस्टम शुल्क और क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नेपाल जा सकीं।

मंदिर में होनी थी स्थापना

नेपाल के सिरहा जिले के भलुआही गांव के लोगों ने मंदिर में स्थापना के लिए राजस्थान से दुर्गा समेत अन्य मूर्तियां मंगवाई थीं। बताया गया कि सभी मूर्तियों की कीमत करीब नौ लाख रुपये है। मूर्तियों को ट्रक से भारत-नेपाल सीमा के रास्ते नेपाल ले जाया जा रहा था।

कागजात पूरे नहीं होने पर रुका ट्रक

बेतौंहा बॉर्डर पर एसएसबी ने ट्रक को रोक लिया। जांच के दौरान मूर्तियों से संबंधित आवश्यक कागजात और कस्टम क्लीयरेंस नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद मूर्तियों को सीमा पार कराने की प्रक्रिया रोक दी गई। करीब 30 घंटे तक कस्टम से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जाती रहीं।

शुल्क जमा हुआ, तब मिली सीमा पार करने की अनुमति

मूर्तियों की कीमत करीब नौ लाख रुपये होने के कारण नियमानुसार कस्टम प्रक्रिया पूरी की गई। कस्टम शुल्क जमा करने और क्लीयरेंस मिलने के बाद ट्रक को नेपाल जाने की अनुमति दी गई। इसके बाद मंदिर में स्थापना के लिए मूर्तियां भलुआही रवाना हो सकीं।

ट्रेड रूट होने के कारण जरूरी है क्लीयरेंस

एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट हरी नारायण जाट ने बताया कि बेतौंहा ट्रेड रूट है। यहां से किसी भी व्यावसायिक सामग्री को सीमा पार ले जाने के लिए कस्टम क्लीयरेंस जरूरी है। मूर्तियों की कीमत अधिक थी और उन्हें ट्रेड रूट से नेपाल ले जाया जा रहा था। इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की गई।

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