एटीएम में कार्ड फंसने पर वहां लिखे फर्जी नंबर पर कॉल करना पड़ा महंगा, मदद के नाम पर खाते से उड़ाए 2.5 लाख
मधुबनी में एक व्यक्ति के एटीएम कार्ड फंसने के बाद फर्जी नंबर पर कॉल करने से उनके खाते से ढाई ...और पढ़ें

फर्जी नंबर पर कॉल करना पड़ा महंगा (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
मधुबनी में एटीएम कार्ड फंसने पर हुई ठगी।
फर्जी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने से पैसे निकले।
ढाई लाख रुपये की निकासी, साइबर थाना जांच में।
जागरण संवाददाता, मधुबनी। शहर में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। सूरतगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एटीएम में कार्ड फंसने के बाद थाना चौक निवासी पवन कुमार सिंह उर्फ पप्पू के खाते से ढाई लाख रुपये की निकासी का मामला सामने आया है। घटना एसएसपी कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित एटीएम की बताई जा रही है।
पीड़ित ने शुक्रवार को नगर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार, नंद होटल के नीचे स्थित एटीएम में उनका कार्ड फंस गया था। मशीन पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर फोन उठाने वाले व्यक्ति ने उन्हें एसबीआई शाखा जाने की सलाह दी। साथ ही भरोसा दिलाया कि बैंक से इंजीनियर आकर उनकी समस्या दूर कर देगा।
खाते से ढाई लाख रुपये की निकासी
बैंक पहुंचने के बाद दोबारा फोन करने पर बताया गया कि इंजीनियर एटीएम केंद्र पर पहुंच चुका है। पीड़ित तत्काल एटीएम पहुंचे, लेकिन वहां मशीन में उनका कार्ड नहीं मिला। इसी बीच उनके मोबाइल पर खाते से ढाई लाख रुपये की निकासी का संदेश आया।
खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलते ही उनके होश उड़ गए। उन्हें आशंका है कि एटीएम पर प्रदर्शित मोबाइल नंबर के जरिए उनके साथ धोखाधड़ी की गई।
एसएसपी के निर्देश के बावजूद नहीं हटा फर्जी नंबर
शहर में एटीएम पर प्रदर्शित कथित फर्जी मोबाइल नंबरों के जरिए ठगी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी योगेंद्र कुमार ने नगर थाना पुलिस को सभी एटीएम केंद्रों से ऐसे नंबर हटवाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद संबंधित एटीएम से नंबर नहीं हटाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
साइबर थाना भेजे गए पीड़ित
पुलिस निरीक्षक सह नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी का मामला होने के कारण पीड़ित को साइबर थाना भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। इस घटना ने एटीएम केंद्रों की निगरानी, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच और पूर्व में जारी निर्देशों के अनुपालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि खाते से रकम किस तरीके से निकाली गई और इस धोखाधड़ी में कौन लोग शामिल हैं।
