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सिंहेश्वरनाथ मंदिर में विकास कार्यों पर पर्यटन मंत्री के कड़े तेवर; पूछा- 90.27 करोड़ के प्रोजेक्ट में लेटलतीफी क्‍यों?

Published: Wed, 30 Sep 2026 02:13 PM (IST)

पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने मधेपुरा के सिंहेश्वरनाथ मंदिर में चल रहे 90.27 करोड़ के विकास कार्यों की धीमी ...और पढ़ें

मधेपुरा स्थित सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर परिसर में पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता।

मधेपुरा स्थित सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर परिसर में पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता।

HighLights

  1. पर्यटन मंत्री ने सिंहेश्वरनाथ मंदिर विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

  2. 90.27 करोड़ के प्रोजेक्ट की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की।

  3. निर्माण गुणवत्ता की जांच के लिए टेक्निकल टीम गठित होगी।

संवाद सूत्र, जागरण, सिंहेश्वर (मधेपुरा)। मधेपुरा स्थित सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर परिसर में पर्यटन विभाग की ओर से चल रहे विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और निर्माण गुणवत्ता को लेकर बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है।

सोमवार की शाम अचानक विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने पहुंचे पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों और संवेदक को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर विकास कार्य कछुआ गति से नहीं चलने दिए जाएंगे। सिंहेश्वर धाम पहुंचते ही मंत्री ने सबसे पहले बाबा सिंहेश्वरनाथ के गर्भगृह में शीश नवाया और विधिवत पूजा-अर्चना की।

मुख्य पुजारी अमरनाथ ठाकुर उर्फ लाल बाबा एवं पंकज बाबा ने संकल्प कराकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दर्शन-पूजन संपन्न कराया। पूजा के उपरांत मंत्री ने सिंहेश्वर समेत पूरे बिहार के सर्वांगीण विकास, शांति और समृद्धि की कामना की।

90.27 करोड़ के प्रोजेक्ट पर कड़े तेवर, प्रोजेक्ट मैनेजर तलब

दर्शन-पूजन के बाद पर्यटन मंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा 90.27 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से संचालित विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण शुरू किया। उन्होंने निर्माणाधीन मार्केट कॉम्प्लेक्स और पंडा निवास सह धर्मशाला के निर्माण कार्यों का एक-एक कर मुआयना किया।

कार्यस्थल पर निर्माण की बेहद धीमी गति देखकर मंत्री भड़क उठे। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव कुमार को कड़ी फटकार लगाते हुए स्वीकृत डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) और एग्रीमेंट की फाइलों के साथ तलब होने का निर्देश दिया।

फूड कोर्ट व मंडप का काम शुरू न होने पर नाराजगी

निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि परियोजना का अहम हिस्सा होने के बावजूद आधुनिक फूड कोर्ट और मंडप का निर्माण कार्य अब तक धरातल पर शुरू ही नहीं हो सका है। इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए मंत्री ने कहा, "जनता और श्रद्धालुओं की ओर से विकास कार्यों में लेटलतीफी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं।

इसी कारण मैं स्वयं वस्तुस्थिति देखने आया हूं। तय समय-सीमा के भीतर यदि निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो संवेदक के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।"

निर्माण सामग्री की जांच होगी, बनेगी टेक्निकल कमेटी

पंडा निवास सह धर्मशाला में निर्माण सामग्री और गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत मानकों से कोई समझौता नहीं होगा। कार्य में अनियमितता की जांच के बाबत उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो खामियां मिली हैं, उनके आधार पर विभागीय जांच कमेटी के साथ एक टेक्निकल टीम गठित करने पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

सिंहेश्वर धाम: विकास परियोजनाओं का ब्योरा एक नजर में

  • परियोजना की कुल लागत: 90.27 करोड़ रुपये (पर्यटन विभाग, बिहार सरकार)।

  • निर्माणाधीन प्रमुख घटक: मार्केट कॉम्प्लेक्स, पंडा निवास सह धर्मशाला, भव्य फूड कोर्ट और विवाह/पूजा मंडप।

  • मंत्री की मुख्य आपत्तियां: फूड कोर्ट व मंडप का निर्माण अब तक शुरू न होना, पंडा निवास में कार्य की धीमी गति और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता।

  • अधिकारियों को निर्देश: स्वीकृत डीपीआर के अनुरूप ही काम हो; प्रोजेक्ट मैनेजर एग्रीमेंट व डीपीआर के साथ दें जवाब।

इससे पहले बाबा मंदिर नियंत्रण कक्ष में मंदिर न्यास समिति के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने पर्यटन मंत्री का मिथिला रीति-रिवाज के तहत पाग, अंगवस्त्र और बुके भेंट कर भव्य स्वागत किया। मौके पर विजय कुमार सिंह, हरेंद्र मंडल, रौशन ठाकुर, योग नारायण पटेल, विद्यानंद ठाकुर, पवन ठाकुर, विष्णु शर्मा, राजा साह, सुभाष कुमार और संजय पाठक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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