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मधेपुरा-सिंहेश्वर को मिलेगी जाम से मुक्ति: 245 करोड़ की लागत से बनेगा 11 KM लंबा बाईपास, ड्राफ्ट DPR तैयार

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:42 PM (IST)

मधेपुरा से सिंहेश्वर धाम तक 11.272 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण के लिए 244.71 करोड़ रुपये की ड्राफ्ट डीपीआर पथ निर्माण विभाग को भेजी गई है।

245 करोड़ की लागत से बनेगा 11 KM लंबा बाईपास, ड्राफ्ट DPR तैयार (AI Generated Image)

245 करोड़ की लागत से बनेगा 11 KM लंबा बाईपास, ड्राफ्ट DPR तैयार (AI Generated Image)

HighLights

  1. 11.272 किमी लंबे बाईपास की ड्राफ्ट डीपीआर तैयार।

  2. कुल 244.71 करोड़ रुपये लागत, 70 करोड़ भूमि अधिग्रहण पर।

  3. मधेपुरा और सिंहेश्वर धाम को जाम से मिलेगी मुक्ति।

जागरण संवाददाता, मधेपुरा। सिंहेश्वर धाम को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मधेपुरा से सिंहेश्वर तक 11.272 किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण को लेकर ड्राफ्ट डीपीआर (DPR) तैयार कर पथ निर्माण विभाग को भेज दी गई है।

यह बाईपास नेशनल हाईवे-106 (NH-106) का कनेक्टिंग रोड यानी अलाइनमेंट होगा, जो मधेपुरा से सटे माणिकपुर चौक से सिंहेश्वर धाम के बुढ़ावे को जोड़ेगा।

ड्राफ्ट डीपीआर के अनुसार, इसके निर्माण पर कुल 244.71 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें 70 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे।

इसके लिए लगभग 40 एकड़ जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव है। यह सड़क 30 से 45 मीटर चौड़ी होगी, जिसमें 10 मीटर हिस्से का कालीकरण किया जाएगा और दोनों तरफ दो-दो मीटर के शोल्डर होंगे।

11.272 किलोमीटर लंबी इस बाईपास सड़क के निर्माण में जगह-जगह कलवर्ट, पुल और अंडरपास बनाए जाएंगे। ड्राफ्ट डीपीआर के अनुसार, 33 बॉक्स कलवर्ट और तीन व्हीकल अंडरपास बनेंगे। व्हीकल अंडरपास बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्रामीण सड़कों पर आवागमन बाधित न हो।

इसके अलावा 120 मीटर लंबे एक मेजर ब्रिज (बड़ा पुल) और 60 मीटर लंबे एक माइनर ब्रिज (छोटा पुल) का निर्माण भी कराया जाएगा।

वेटलैंड (गीली या दलदली जमीन) वाला क्षेत्र होने के कारण बाईपास सड़क की ऊंचाई अधिक रखी जाएगी। इस वजह से कहीं 30 मीटर तो कहीं 45 मीटर तक की चौड़ाई कवर की जाएगी।

अयोलिजा कंस्ट्रक्शन ने सर्वे व सॉयल टेस्टिंग के बाद तैयार की डीपीआर:

मधेपुरा-सिंहेश्वर बाईपास निर्माण को लेकर डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी अयोलिजा कंस्ट्रक्शन को दी गई थी। सॉयल टेस्टिंग (मिट्टी की जांच) व सर्वे के बाद अयोलिजा कंस्ट्रक्शन ने डीपीआर तैयार कर एनएच के कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र पाठक को सौंप दी।

इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा गठित कमेटी के समक्ष डीपीआर प्रस्तुत कर इस पर चर्चा की गई। जिसके उपरांत इसे पथ निर्माण विभाग को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया गया।

जिलाधिकारी की पहल पर 11.27 किमी लंबे बाईपास को केंद्र ने दी स्वीकृति:

मधेपुरा-सिंहेश्वर बाईपास के निर्माण को लेकर साल 2025 में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्र सरकार ने 11.27 किमी लंबे बाईपास की जगह पहले मात्र छह किलोमीटर लंबे बाईपास को स्वीकृति दी थी, जो मधेपुरा से सीधा नारियल विकास बोर्ड के समीप जुड़ता, लेकिन इसके बाद जिलाधिकारी अभिषेक रंजन की पहल पर तत्कालीन डीडीसी (DDC) अनिल बसाक की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई।

कमेटी में शामिल एनएच के कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र पाठक और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमन कुमार सुमन ने इसका नया प्रस्ताव तैयार किया।

इसमें सिंहेश्वर धाम के साथ-साथ जिला मुख्यालय को भी जाम से मुक्त करने की दिशा में एनएच-106 का नया अलाइनमेंट तैयार करने की रूपरेखा तय कर इसे स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया।

प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया कि इस बाईपास के निर्माण से सिंहेश्वर धाम के साथ-साथ जिला मुख्यालय को भी जाम से मुक्ति मिल जाएगी। बड़े वाहन माणिकपुर चौक से सीधे बुढ़ावे को पार करते हुए वीरपुर की ओर निकल जाएंगे।

एनएच-106 पर माणिकपुर चौक से सिंहेश्वर के बुढ़ावे तक 11.272 किमी लंबे इस अलाइनमेंट को केंद्र सरकार ने लगभग 10 माह बाद स्वीकृति दी। इसके बाद ही यह ड्राफ्ट डीपीआर तैयार किया गया है।

मधेपुरा-सिंहेश्वर बाईपास सड़क निर्माण को लेकर पथ निर्माण विभाग को लगभग 245 करोड़ का ड्राफ्ट डीपीआर भेजा गया है। फाइनल डीपीआर आने के बाद लागत में अंतर भी आ सकता है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - सत्येंद्र पाठक, कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग

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