मधेपुरा। देश के विभिन्न राज्यों से घर वापसी को पहुंचे प्रवासी मजदूरों के लिए पुरैनी में जहां प्रखंड स्तर पर पांच सामुदायिक क्वारंटाइन केंद्र बनाए गए है। वहीं पंचायत स्तर पर 43 क्वारंटाइन केंद्र बनाया गया है। जबकि प्रवासी महिलाओं के लिए मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को भी महिला क्वारंटाइन केंद्र बनाया गया है।आपदा की इस घड़ी में घर पहुंचने की होड़ के बीच प्रखंड प्रशासन के लिए प्रवासी मजदूरों को क्वारंटाइन केंद्र में रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है। सरकारी निर्देशानुसार क्वारंटाइन किए गए प्रवासी मजदूरों को आवासीय सुविधा सहित बिछावन,भोजन,दूध,पानी, समुचित रोशनी,शौचालय आदि के अलावा अन्य विभिन्न प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने का स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया गया है। क्वारंटाइन केंद्र पर सारी व्यवस्था किए जाने के बावजूद पुलिस बल की तैनाती नहीं होने से लगभग सभी केंद्रों पर प्रवासी मजदूरों के परिजनों की काफी संख्या में जहां अनावश्यक भीड़ देखी जा रही है। वहीं घनी आबादी के बीच बनाए गए कई क्वारंटाइन केंद्र में रह रहे प्रवासी मजदूर केंद्र से अनावश्यक बाहर निकल कर गांव एवं चौक-चौराहे पर विचरण करते देखें जा रहे हैं। जिससे संबंधित ग्रामीणों का आक्रोश दिनानुदिन बढ़ता ही जा रहा है। अंचलाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी रामअवतार यादव ने सभी क्वारंटाइन केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए जिला प्रशासन से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की है।

Posted By: Jagran

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