मधेपुरा में पंचायत लेवल पर नशे के खिलाफ चलेगा अभियान, स्पेशल कमेटी रखेगी तस्करी पर नजर
मधेपुरा की खौपैती तुनियाही पंचायत में नशा मुक्ति अभियान के तहत एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें युवाओं को नशे ...और पढ़ें

पंचायत की बैठक। फोटो जागरण
HighLights
मधेपुरा पंचायत में नशा मुक्ति अभियान पर महत्वपूर्ण बैठक हुई।
नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने को निगरानी समिति बनी।
युवाओं को नशे से बचाने, सामाजिक-कानूनी कार्रवाई का निर्णय।
संवाद सहयोगी, मधेपुरा। सदर प्रखंड की खौपैती तुनियाही पंचायत के वार्ड संख्या चार स्थित विश्वकर्मा मंदिर परिसर में नशा मुक्ति अभियान को लेकर पंचायत स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पंचायत को नशामुक्त बनाने एवं खासकर युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने पंचायत में नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर रोक लगाने के लिए निगरानी कमेटी गठित की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कमेटी के सदस्य पंचायत क्षेत्र में सूखा नशा बेचने, खरीदने एवं सेवन करने वाले लोगों पर नजर रखेंगे। ऐसे लोगों को चिन्हित कर पहले सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
नशे से बर्बाद हो रहे परिवारों को लेकर ग्रामीणों ने जताई चिंता
बैठक में निर्णय लिया गया कि सामाजिक स्तर पर समझाने एवं कार्रवाई के बावजूद यदि संबंधित लोग अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आते हैं, तो इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को देकर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
पंचायत में नशा मुक्ति के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा की है। ग्रामीणों ने कहा कि खासकर युवा पीढ़ी तेजी से सूखे नशे की चपेट में आ रही है।
नशे की लत के कारण कई परिवार आर्थिक एवं सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। लोगों का कहना था कि मेहनत से कमाई गई रकम का बड़ा हिस्सा शराब व अन्य नशीले पदार्थों के सेवन में खर्च हो जाता है, जिससे घर-परिवार चलाने में भी परेशानी होती है।
किशोरवय लड़कों व युवा पीढ़ी को बर्बाद होता देख महिलाओं ने बुलंद की आवाज
ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से अभियान चलाने एवं लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। बैठक में पंचायत को नशामुक्त बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई।
बैठक में रेशमा देवी, सुगिया देवी, मंजू देवी समेत अन्य महिलाओं ने भी नशा मुक्ति अभियान को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। महिलाओं ने कहा कि गांव में सूखे नशे का चलन बढ़ने से बच्चे एवं युवा बर्बादी की ओर जा रहे हैं। नशे की लत के कारण कई परिवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
नशे के खिलाफ समाज को एकजुट होकर अभियान चलाने की जरूरत
महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में शराब बेचने वालों को जब नशीले पदार्थों की बिक्री बंद करने के लिए समझाने का प्रयास किया जाता है, तो वह और उनके परिवार के सदस्य झगड़े एवं मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
ऐसी स्थिति में ग्रामीण नशीले पदार्श बेचने एवं सेवन करने वालों के खिलाफ आवाज उठाने से डरते हैं। महिलाओं ने कहा कि नशे के खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होकर अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि बच्चों एवं युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।
बैठक में मुखिया प्रतिनिधि उमेश यादव, सरपंच विभा देवी, पंचायत समिति सदस्य रंजीत कुमार, पैक्स अध्यक्ष अविनाश आनंद, प्रकाश कुमार पिंटू, ललन प्रसाद यादव, सुमन फौजी, किशोर यादव, मोहन सिंह, मुरारी सिंह, दीपनारायण यादव, उमेश यादव, जयकुमार यादव, नाथो यादव समेत अन्य उपस्थित थे।
