मधेपुरा के प्रमोद का बिजली बिल हुआ शून्य, उल्टे ग्रिड को ही भेज दी 406 यूनिट अतिरिक्त बिजली; गैस की भी टेंशन खत्म
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana मधेपुरा के प्रमोद सिंह ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर ...और पढ़ें
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PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana मधेपुरा के प्रमोद सिंह का बिजली बिल हुआ शून्य, 406 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को भेजी
HighLights
प्रमोद सिंह ने पीएम सूर्य घर योजना से बिजली बिल शून्य किया।
3 किलोवाट सोलर प्लांट से 406 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को भेजी।
गैस सिलेंडर की जगह अब इंडक्शन चूल्हे का उपयोग करते हैं।
संवाद सहयोगी, मधेपुरा। PM Surya Ghar Muft Bijli Yojanaयदि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की सही जानकारी लेकर उसका सदुपयोग किया जाए, तो वह आम जनजीवन में अभूतपूर्व आर्थिक और तकनीकी बदलाव ला सकती है। इसकी जीती-जागती मिसाल पेश की है मधेपुरा जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत धुरगांव (वार्ड संख्या 11) निवासी प्रमोद सिंह ने।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' को अपनाकर उन्होंने न केवल अपने घर को पूरी तरह सौर ऊर्जा से रोशन कर लिया है, बल्कि उनका मासिक बिजली बिल भी शून्य हो गया है।
इतना ही नहीं, प्रमोद सिंह अब अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ एक महीने में 406 यूनिट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर उसे सरकारी पावर ग्रिड में वापस भेज रहे हैं।
3 किलोवाट के प्लांट पर मिली 98 हजार रुपये की सब्सिडी
प्रमोद सिंह ने अपने पक्के मकान की छत पर तीन किलोवाट क्षमता का ऑन-ग्रिड सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है। इस आधुनिक संयंत्र की स्थापना पर उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 98 हजार रुपये की एकमुश्त वित्तीय सब्सिडी का लाभ मिला है।
प्रमोद सिंह बताते हैं कि इससे पहले वे बिहार सरकार की 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठा रहे थे। इसी बीच अखबारों और विभागीय प्रचार-प्रसार के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली। योजना की उपयोगिता और दीर्घकालिक बचत को देखते हुए उन्होंने तुरंत अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाने का फैसला लिया। अब वे बिजली की खपत की चिंता से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं।
गैस सिलेंडर का झंझट खत्म, इंडक्शन और गीजर भी सोलर से चालू
सौर ऊर्जा ने प्रमोद सिंह के परिवार की दैनिक जीवनशैली को बेहद सुगम और आधुनिक बना दिया है। घर के सभी भारी विद्युत उपकरण अब सौर ऊर्जा से बेरोकटोक चल रहे हैं। कपड़े धोने के लिए वाशिंग मशीन, नहाने के लिए गीजर, खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए रेफ्रिजरेटर, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, इंटरनेट के लिए वाई-फाई राउटर और पंखे-बल्ब सोलर पावर से ही संचालित हो रहे हैं।
सबसे बड़ी राहत रसोई में मिली है; अब खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर पर निर्भरता समाप्त हो गई है और पूरा भोजन इंडक्शन चूल्हे पर पक रहा है। इससे हर महीने गैस सिलेंडर रिफिल कराने के खर्च और उसकी उपलब्धता की परेशानी से उन्हें पूरी मुक्ति मिल गई है।
बिजली उपभोक्ता से बने उत्पादक, ग्रिड को भेजी 406 यूनिट बिजली
प्रमोद सिंह की इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे अब केवल सामान्य उपभोक्ता नहीं रहे, बल्कि 'ऊर्जा उत्पादक' (प्रोज्यूमर) बन चुके हैं। नेट मीटरिंग व्यवस्था के जरिए उन्होंने अपने घरेलू उपयोग के बाद बची 406 यूनिट अतिरिक्त बिजली राज्य के विद्युत ग्रिड को निर्यात की है। यह उदाहरण दर्शाता है कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करके ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का नया मॉडल स्थापित किया जा सकता है।
'आगे आएं ग्रामीण, उठाएं सरकारी योजनाओं का लाभ'
अपनी इस सफलता पर प्रमोद सिंह कहते हैं कि लोगों को जागरूक होकर सरकारी योजनाओं की प्रक्रिया समझनी चाहिए और उनका समय पर लाभ उठाना चाहिए। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना मध्यम और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घरेलू बजट सुधारने और स्वच्छ हरित ऊर्जा अपनाने का सबसे कारगर माध्यम है। उन्होंने मधेपुरा जिले और आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि वे भी अपने घरों की खाली छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर बिजली बिल से आजादी पाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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