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‘मैं प्रोजेक्ट मैनेजर हूं’... पूर्णिया के युवक ने मधेपुरा में 3 आंगनबाड़ी व स्कूल की जांच 10 हजार वसूले, फिर किया साइबर फ्रॉड

Published: Tue, 29 Sep 2026 10:16 PM (IST)

Madhepura Fraud Fake Officer Anganwadi School Cyber Crime: मधेपुरा के मुरलीगंज में एक जालसाज ने खुद को अधिकारी बताकर आंगनबाड़ी ...और पढ़ें

Madhepura Fraud Fake Officer Anganwadi School Cyber Crime: फर्जी अधिकारी अभिषेक सहनी।

Madhepura Fraud Fake Officer Anganwadi School Cyber Crime: फर्जी अधिकारी अभिषेक सहनी।

HighLights

  1. जालसाज ने खुद को प्रोजेक्ट मैनेजर बताकर फर्जी जांच की।

  2. आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्कूल प्रधानाध्यापक से पैसे वसूले।

  3. मातृत्व लाभ का झांसा देकर ग्रामीणों से साइबर ठगी।

संवाद सूत्र, मुरलीगंज (मधेपुरा)। जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत रजनी पंचायत के प्रतापनगर गांव में खुद को विभागीय बड़ा अधिकारी बताकर जांच के नाम पर वसूली करने और मातृत्व लाभ की राशि भेजने का झांसा देकर बैंक खातों से पैसे उड़ाने का बड़ा मामला सामने आया है।

जालसाज ने न सिर्फ आंगनबाड़ी केंद्रों और मध्य विद्यालय में फर्जी निरीक्षण कर पैसे वसूले, बल्कि ग्रामीणों को साइबर ठगी का भी शिकार बनाया। घटना 21 सितंबर की है, लेकिन पीड़ितों द्वारा पूरे नेटवर्क की पड़ताल के बाद 29 सितंबर को मुरलीगंज थाना में लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

  • मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड स्थित रजनी पंचायत (प्रतापनगर) में फर्जी अधिकारी बनकर औचक निरीक्षण का मामला उजागर

  • पूर्णिया के आरोपी अभिषेक सहनी ने प्रोजेक्ट मैनेजर बनकर तीन आंगनबाड़ी सेविकाओं से 10 हजार और एचएम से 1 हजार ऐंठे

  • मातृत्व लाभ योजना की राशि भेजने के नाम पर झांसा देकर दो ग्रामीणों के बैंक खातों से 67,173 की साइबर ठगी

  • आंगनबाड़ी सेविकाओं और पीड़ितों के आवेदन पर मुरलीगंज थाना में दर्ज हुआ मामला; पुलिस और सीडीपीओ जांच में जुटे

प्राथमिकी में पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र स्थित अमारी कुकरन पूरब (वार्ड संख्या 6) निवासी अशोक सहनी के पुत्र अभिषेक सहनी को नामजद आरोपी बनाया गया है। आरोपी पर विभागीय अफसर बनकर रौब जमाने, नौकरी से हटाने की धमकी देकर 10 हजार ऐंठने तथा साइबर फ्रॉड के जरिए 67,173 निकालने के संगीन आरोप लगे हैं।

निरीक्षण पंजी पर लिखा सुमित कुमार, धमकी देकर वसूले 10 हजार

आंगनबाड़ी सेविका शोभा देवी, सुनीता कुमारी और कृष्णा देवी द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, 21 सितंबर को एक व्यक्ति खुद को महिला एवं बाल विकास निगम का प्रोजेक्ट मैनेजर 'सुमित कुमार' बताकर प्रतापनगर केंद्र संख्या 152 पर पहुंचा और सघन निरीक्षण किया। इसके बाद उसने केंद्र संख्या 154 और 155 की भी जांच की।

जांच में कमियां निकालकर उसने नौकरी खत्म कराने की धमकी दी और 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। डर के मारे तीनों सेविकाओं ने आपस में मिलाकर उसे क्रमशः 5000, 3500 और 1500 रुपये (कुल 10 हजार) दिए। आरोपी ने मध्य विद्यालय प्रतापनगर के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र भारती से भी जांच के नाम पर 1000 वसूले।

जब सेविकाओं ने बाल विकास परियोजना कार्यालय मुरलीगंज से संपर्क किया तो पता चला कि उस नाम का कोई अधिकारी जांच पर नहीं भेजा गया था। इसके बाद हुई ग्रामीण बैठक में आरोपी की पहचान अभिषेक सहनी के रूप में उजागर हुई।

मातृत्व लाभ का झांसा देकर दो ग्रामीणों से 67 हजार की साइबर ठगी

फर्जी निरीक्षण के दो दिन बाद 23 सितंबर को आरोपी ने प्रतापनगर वार्ड 1 निवासी विजय साह (56 वर्ष) को फोन किया और बकाया मातृत्व लाभ की राशि खाते में भेजने का झांसा दिया। उसने मोबाइल पर मैसेज भेजकर पिन दर्ज करने को कहा, जिसके बाद 11 किश्तों में उनके खाते से 47,000 उड़ा लिए गए।

इसी तरह 25 सितंबर को प्रतापनगर के मंतोष कुमार को फोन कर ओटीपी मांगा गया और तीन ट्रांजेक्शन में 20,173 की चपत लगा दी गई। मामले पर मुरलीगंज के थानाध्यक्ष अकमल हुसैन ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और पुलिस टीम मामले की जांच कर आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। वहीं सीडीपीओ स्वाती कुमारी ने कहा कि मौखिक सूचना के बाद लिखित आवेदन मिलते ही विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

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