विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Vivah Muhurat 2026: खरमास के बाद फिर से बजेगी घरों में शहनाई, ये हैं अगले 3 महीनों में शादी के शुभ मुहूर्त

Published: Sat, 11 Apr 2026 01:21 PM (IST)

खरमास 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद 15 अप्रैल से शादी-विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों के शुभ ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

संवाद सूत्र, पुरैनी(मधेपुरा)। खरमास समाप्त होते ही शादी-विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। एक महीने के खरमास के कारण शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य रूके हुए थे।

मंगलवार को खरमास समाप्त होते ही शादी-विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य के मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। उक्त जानकारी देते हुए पंडित पवन झा ने बताया कि खरमास 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसके बाद से शादी-विवाह, मुंडन, उपनयन संस्कार जैसे शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे।

2026 में है शादी-विवाह के 57 लग्न

मालूम हो कि 2026 में शुभ- विवाह के 57 दिन शुभ मुहूर्त हैं। सबसे अधिक शुभ-विवाह के मुहूर्त मई एवं जून महीने में है। मई महीने में 11 दिन एवं जून महीने में 12 दिन शुभ मुहूर्त है। अगस्त से अक्टूबर तक शादी-विवाह के मुहूर्त नहीं है।

अगस्त से अक्टूबर तक विवाह के मुहूर्त नहीं

अप्रैल 2026 में 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 एवं 30 तारीख को शादी-विवाह के अत्यंत ही शुभ दिन हैं। वही मई महीने में 01, 03, 04, 05, 06, 07, 08, 09, 12, 13 एवं 14 तारीख को शुभ दिन है।

जून महीने में 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29 एवं 30 तारीख को शुभ-विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ है। जुलाई महीने में मात्र सात दिन 01, 02, 06, 07, 08, 11 एवं 12 तारीख को शुभ मुहूर्त है, जबकि अगस्त, सितंबर एवं अक्टूबर महीने में शुभ-विवाह के मुहूर्त नहीं है।

इसके बाद नवंबर महीने में 20, 21, 24, 25, 26, 27 एवं 30 तारीख को शुभ मुहूर्त है। दिसंबर 2026 में 01, 02, 03, 04, 05, 06, 09, 10, 11, 12 एवं 13 तारीख को शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त है।

पंडित पवन झा ने बताया कि वर्ष 2025 में अप्रैल से दिसंबर तक 46 दिन शुभ मुहूर्त था। वर्ष 2026 में खरमास 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा।

खरमास में शादी-विवाह गृह प्रवेश,नया बिजनेस या अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। जबकि खरमास के दौरान पूजा-पाठ, जप-तप एवं दान-पुण्य करने का विशेष महत्व माना जाता है।

यह भी पढ़ें- सहरसा में पकड़े गए BPSC पास फर्जी शिक्षक, विभाग ने वेतन रोका; 2-3 साल का पैसा वसूलेगा

यह भी पढ़ें- अररिया में लगेगी 30980 सोल स्ट्रीट लाइटें, रातों में रोशनी में जगमगाएगी 211 पंचायतों