मधेपुरा [जेएनएन]। घटना हृदयविदारक है। मौत के बाद भी जलाने के लिए दो गज जमीन नसीब नहीं हुई। हारकर परिजनों ने घर में ही शव को दफन कर दिया। घटना जिले के कुमारखंड प्रखंड के लक्ष्मीपुर चंडीस्थान पंचायत के केवटगामा की है।

मौत के बाद किसी ने नहीं दी अंतिम संस्कार की इजाजत

जानकारी के अनुसार सोमवार की रात्रि केवटगामा टोला निवासी सोहगिया देवी (35) की डायरिया से मौत हो गई। मौत के बाद शव को जलाने के लिए परिजन पास की जमीन पर गए। लेकिन, लोगों ने वहां शव जलाने से रोक दिया। इसके बाद परिजनों ने अन्य लोगों से भी उनकी जमीन पर अंतिम संस्कार करने की इजाजत मांगी। पर, परिजनों की किसी ने नहीं सुनी। हारकर वे शव को लेकर घर लौटे और घर में ही दफन कर दिया।

मजबूरी में घर में ही दफना दिया शव

मृतका के पति हरिनारायण ऋषिदेव ने बताया कि उनके पास घर के अलावा और कहीं जमीन नहीं है। लोगों ने मिन्नत करने के बाद भी अंतिम संस्कार की इजाजत नहीं दी। इस कारण घर में ही शव को दफना दिया।

शमशान के लिए जमीन नहीं

पंचायत के पूर्व मुखिया बेचन ऋषिदेव तथा ग्रामीण कैलू ऋषिदेव, सदनाद ऋषिदेव, योगी ऋषिदेव, विनोद ऋषिदेव, कैलाश ऋषिदेव ने कहा कि गांव में शमशान नहीं होने के कारण किसी की मौत होने पर काफी परेशानी होती है। जिसके पास जमीन है वह तो अपनी जमीन पर अंतिम संस्कार करता है। लेकिन, जिसके पास अपनी जमीन नहीं होती, उसे परेशानी होती है।

सरकारी जमीन उपलब्‍ध कराएगा प्रशासन

गांव के बैसाखी ऋषिदेव, बृहस्पति ऋषिदेव, मनेश कुमार, शंकर ऋषिदेव, कलानंद ऋषिदेव आदि ने भी बताया कि शमशान के अभाव में दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शमशान के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। इस बाबत लक्ष्मीपुर चण्डीस्थान की मुखिया रीता देवी ने कहा कि पंचायत में शमशान के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने के लिए अंचलाधिकारी को पत्र भेजा जाएगा। अंचलाधिकारी जयप्रकाश राय ने भी कहा कि शमशान के लिए सरकारी जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा जाएगा।

Posted By: Amit Alok

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