मधेपुरा। सात साल पहले 18 अगस्त को कुसहा बांध टूटा था। उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में 22 अगस्त को बाढ़ का पानी घुसा था। भारी क्षति हुई थी। त्रासदी के बाद बड़े-बड़े वादे किये गए। लेकिन जख्म आज भी हरे हैं। आज की तारीख में भी ढ़ेर सारे ऐसे लोग हैं जो सरकारी सुविधा से वंचित हैं। ऐसे लोगों पर किसी की भी नजर नहीं जा पा रही है।

बता दें कि उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में 22 अगस्त को बाढ़ का पानी घुसा था। उसके बाद जान-माल की काफी क्षति हुई। लाखों हेक्टेयर भूमि बंजर बन गया। कहीं खेतो में बालू भर आया तो कहीं गड्ढे हो गये। उसके बाद विशेष योजना चलाकर भरपाई की कोशिश की जाने लगी थी। लेकिन अधिकारियों के सुस्ती के कारण लोगों को अब तक लाभ नहीं मिल सका है।

दो लाख परिवार हुए थे प्रभावित

सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में करीब दो लाख परिवार प्रभावित हुए थे। क्षेत्र के छह प्रखंडों में एक लाख 85 हजार 198 परिवार प्रभावित हुए थे। बाढ़ से अनुमंडल क्षेत्र में 121 लोगों की मौत भी डूबने से हो गयी थी। वहीं 33 लोग लापता हो गये थे। जबकि 55 हजार हेक्टेयर भूमि में लगी फसल बर्बाद हो गया था।

इन प्रखंडो में मची थी तबाही

प्रखंड - पंचायत - प्रभावित लोग - मौत - लापता

-: उदाकिशुनगंज - 2 - 45116 - 45 - 08

-: ग्वालपाडा - 12 -26248 - 15 - 14

-: बिहारीगंज - 03 - 29500 - 18 - 11

-: आलमनगर - 14 - 40598 - 30 - 00

-: चौसा - 08 - 25875 - 04 - 00

-: पुरैनी - 06 - 26765 - 09 - 00

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घोषणा के बावजूद नहीं मिला मुआवजा

त्रासदी के बाद केंद्र व राज्य सरकार ने बड़ी दिलेरी दिखाते हुए राष्ट्रीय आपदा घोषित किया था। मुख्यमंत्री ने व‌र्ल्ड बैंक से कर्ज लेकर सुंदर कोसी बनाने की घोषणा की थी। उदाकिशुनगंज के एचएस कॉलेज मैदान पर 14 अप्रैल 2009 को मुख्यमंत्री ने कहा था कि कोसी वासियों की पीडा को वे समझते हैं। कोसी में झोपड़ी की जगह महल दिखेगा। बालू हटाने गड्ढे भरने के लिए मुआवजा दिया जाएगा।

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विफल साबित हो रहा पुर्नवास योजना

कोसी में झोपड़ी की जगह महल बनाने की घोषणा विफल साबित हुई है। उदाकिशुनगंज के 16 पंचायतों में महज मधुबन पंचायत में गलत तरीके से 1532 लोगों को इसका लाभ दे दिया गया। जबकि अन्य पंचायत के लोग आज भी इस योजना के लाभ से वंचित है।

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कोसी त्रासदी योजना से संबंधित जानकारी मुझे नहीं है। जिला योजना पदाधिकारी या फिर संबंधित प्रखंड के बीडीओ ही कुछ भी बता सकते हैं। जहा तक योजना में गड़बडी की बात है तो ऐसी शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। मुकेश कुमार

अनुमंडलाधिकारी, उदाकिशुनगंज, मधेपुरा

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