लखीसराय। सूर्यगढ़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा प्रखंड की 80 पंचायत के लिए इकलौता अस्पताल है। कोरोना काल में यहां कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है। साथ ही गंभीर संक्रमित मरीजों के अस्पताल पहुंचने पर उन्हें प्राथमिक इलाज करके सदर अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी है। उधर चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के सख्ती बरतने पर वहां पदस्थापित दो एमबीबीएस चिकित्सकों ने लंबी छुट्टी ले ली है। जबकि एक दंत चिकित्सक निजी क्लीनिक की जांच रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित पाए जाने पर आइसोलेशन में हैं। सरकार ने कोरोना महामारी के कारण सभी तरह की छुट्टी को रद कर रखा है। ऐसे में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित तीन चिकित्सकों के भरोसे सातों दिन 24 घंटे यह अस्पताल संचालित हो रहा है। जाहिर है कि ऐसे में मरीजों को परेशानी हो रही है।

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बरती गई सख्ती तो अनाधिकृत रूप से दो डॉक्टर गए छुट्टी पर डीएम के आदेश पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक ने रोस्टर ड्यूटी वाले ओपीडी टेबल पर बैठे रहने वाले चिकित्सक के नाम से मरीजों का रजिस्ट्रेशन करने की व्यवस्था लागू कर दी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद भी रोस्टर ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सक अनुपस्थित हो जाते थे। कोरोना के समय जब राज्य सरकार के आदेश पर सख्ती की गई तो डॉ. योगेन्द्र कुमार दिवाकर कमर की हड्डी में दर्द होने का आवेदन देकर 30 मार्च 21 से स्वस्थ होने तक अवकाश पर चले गए हैं। जबकि डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा सीढ़ी से गिरने के कारण हड्डी में दर्द होने का आवेदन देकर 19 अप्रैल 21 से दस दिन का अवकाश पर चले गए हैं। दंत चिकित्सक संतोष कुमार एक निजी क्लीनिक की कोरोना संक्रमित रिपोर्ट देकर अवकाश पर हैं। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धीरेन्द्र कुमार, डॉ. राजीव कुमार एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता के भरोसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सातों दिन 24 घंटे संचालित हो रहा है। ऐसे में मरीजों का कितना भला हो रहा होगा अंदाजा लगाया जा सकता है।

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चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की सभी प्रकार की छुट्टी है रद

स्वास्थ्य विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी एसके पांडेय के जारी आदेश में कोरोना के अप्रत्याशित बढ़ते संक्रमण की रोक-थाम एवं इसके निरोधात्मक उपाय के लिए राज्य के सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का सभी प्रकार के अवकाश को 31 मई 21 तक रद कर दिया है। अवकाश पर रहने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को अविलंब कर्तव्य पर योगदान करने का निर्देश दिया गया है। सिर्फ अध्ययन अवकाश, मातृत्व अवकाश एवं कोरोना संक्रमित होने वाले चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी ही अवकाश पर रह सकते हैं।

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कोट

कोरोना काल में डॉ. योगेन्द्र कुमार दिवाकर एवं डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा अनाधिकृत रूप से अवकाश पर हैं। दोनों चिकित्सक पहले भी ड्यूटी से गायब रहते रहे हैं। इस संबंध में सिविल सर्जन को सूचना दे दी गई है। सिविल सर्जन के आदेश के आलोक में आगे की कार्रवाई की जाएगी। दंत चिकित्सक संतोष कुमार कोरोना संक्रमित होने के कारण अवकाश पर हैं।

डॉ. धीरेंद्र कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सूर्यगढ़ा।

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बोले सीएस

बिना स्वीकृति के अवकाश पर जाने वाले वाले चिकित्सकों से स्पष्टीकरण की मांग की जाएगी। कारणों की जांच की जाएगी। इसके बाद डीएम के माध्यम से कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा जाएगा।

डीके चौधरी, सिविल सर्जन, लखीसराय