संवाद सहयोगी, लखीसराय : शहर के पुरानी बाजार स्थित आदित्य विजन के सामने पूरब दिशा में मुख्य सड़क किनारे किऊल नदी छोर पर चल रहे अवैध मछली मार्केट में रोज की तरह शुक्रवार की दोपहर तक सब कुछ ठीकठाक था। दोपहर बाद लखीसराय थानाध्यक्ष राकेश कुमार और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष आनंद चौधरी के नेतृत्व में काफी संख्या में महिला-पुरुष पुलिस बल और नगर परिषद के कर्मी जेसीबी, ट्रैक्टर लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंचे तो दुकानदारों में हड़कंप मच गया। दुकानदार अपने सामानों को हटाने लगे। थानाध्यक्ष की निगरानी में नगर परिषद की जेसीबी जब अतिक्रमण हटाना शुरू किया तो वहां भीड़ लग गई। करीब दो घंटे तक चले अतिक्रमण हटाओ अभियान में किऊल नदी किनारे अवैध रूप से संचालित मछली मार्केट ध्वस्त हो गया। जानकारी हो कि उक्त जमीन गैर मजरुआ मालिक की है। यहां दर्जन भर से अधिक स्थानीय लोगों ने झोपड़ी देकर स्थायी संरचना तैयार कर अपनी दुकान खोल रखी थी। जमीन की मापी कराने के बाद एक माह पूर्व ही नगर परिषद ने सभी दुकानदारों को नोटिस देकर सरकारी जमीन खाली करने को कहा था लेकिन किसी ने जमीन खाली नहीं की। इसके बाद डीएम-एसपी के आदेश पर एसडीओ संजय कुमार ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। नगर परिषद के कर्मियों ने जेसीबी से नदी किनारे निर्माण बनाई गई दुकानों और दीवार एक-एक करके ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण हटाने के दौरान कई महिलाएं विरोध कर सड़क जाम करने का प्रयास की लेकिन पुलिस की सक्रियता से जाम नहीं हो पाया।

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बोले नप ईओ

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष आनंद चौधरी ने बताया कि मुख्य सड़क किनारे किऊल नदी की जमीन पर 11 लोगों ने अतिक्रमण कर दुकान खोल रखी थी। सीओ ने उक्त जमीन को सरकारी बताया। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेशानुसार अतिक्रमण हटाया गया है। सभी दुकानदारों को पूर्व में ही नोटिस का तामिला कराया गया था। अतिक्रमण हटाने में अंचल निरीक्षक जय कुमार सिंह, अमीन सुशील कुमार, नप कर्मी जितेंद्र रावत, दीपक कुमार सिन्हा, बीरेंद्र कुमार, विजय कुमार आदि थे।

Edited By: Jagran