लखीसराय। प्रखंड सहित आसपास के इलाके में धान की रोपनी होने के बाद पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों की नमी सूख चुकी थी और खेतों में दरारें आ गई थी। इससे धान की फसलें मुरझाने लगी व फसलों के ग्रोथ पर भी इसका बुरा प्रभाव दिखाई देने लगा था। धान के खेत सूखने पौधे में अनेक बीमारियां होने लगी लेकिन बीते सोमवार की दोपहर बाद से शुरु हुई रिमझिम बारिश से धन की फसल को जीवनदान मिल गया है। इससे किसानों ने राहत की सांस ली और उसके चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि धान की रोपनी के बाद अभी तक तेज बारिश नहीं होने से फसलों को नुकसान होने लगा था। अब रिमझिम बारिश होने से कुछ हद तक राहत मिली है। मालूम हो कि पिछले 15-20 दिनों से प्रखंड क्षेत्र में बारिश नहीं होने से कई जगहों पर पानी के अभाव के कारण धान के खेत में दरारें आ गई थी। किसान पानी की समस्या को लेकर काफी परेशान थे। आखिरकार मौसम मेहरबान हुआ और क्षेत्र में रूक-रूक कर रिमझिम बारिश हो रही है। इस बारिश से धान के खेत में पानी जमा हो गया है। इससे किसानों के चेहरे खिल गए। प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश लोग कृषि पर आश्रित हैं। चानन में बुधवार को 68 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह धान की फसल के लिए काफी फायदेमंद होगा। पानी के अभाव के कारण धान के खेत सूख रहे थे। वहीं बारिश होने से धान के फसल के पौधे में लग रहे तनाछेदक व गलका रोग से निजात मिलेगा।

Edited By: Jagran