लखीसराय में 1.16 करोड़ की लागत से बनेगा डॉग अस्पताल, आवारा कुत्तों की होगी नसबंदी और वैक्सीनेशन
Dog Hospital: लखीसराय में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर नियंत्रण के लिए 1.16 करोड़ रुपये की लागत से पहला डॉग अस्पताल स्थापित किया जा रहा है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
लखीसराय में 1.16 करोड़ रुपये से बनेगा पहला डॉग अस्पताल।
आवारा कुत्तों की नसबंदी और रैबीज रोधी टीकाकरण किया जाएगा।
टीकाकरण के बाद कुत्तों को 3-4 दिन अस्पताल में रखा जाएगा।
मुकेश कुमार, लखीसराय। आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और कुत्ता काटने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए जिले में पहली बार डॉग अस्पताल बनाने की तैयारी है।
नगर परिषद लखीसराय में 1.16 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल निर्माण को स्वीकृति मिली है। वार्ड 30 में लाली पहाड़ी की तलहटी स्थित क्रिमला पार्क से दक्षिण-पश्चिम करीब 40 डिसमिल जमीन चिह्नित की गई है।
निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी राजस्थान की एजेंसी को दी गई है। यहां जिले के शहरी निकायों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से पकड़े गए आवारा कुत्तों की नसबंदी और रैबीज रोधी टीकाकरण किया जाएगा।
तीन-चार दिन अस्पताल में रहेंगे कुत्ते
टीकाकरण के बाद कुत्तों को तीन से चार दिन अस्पताल में रखने के बाद उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। बीमार और आक्रामक कुत्तों को अस्पताल में रखने की व्यवस्था होगी।
अभियान में पशुपालन विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या अधिक होने से कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आक्रामक कुत्तों के कारण लोग भयभीत रहते हैं। कुत्ता काटने के बाद लोगों को रैबीज रोधी टीका लगवाना पड़ता है। डॉग अस्पताल के संचालन से आवारा कुत्तों की संख्या और उनसे जुड़ी समस्याओं पर नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमावली के तहत परियोजना को स्वीकृति मिली है। इसका मुख्य उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण करना है। विशेषज्ञ चिकित्सक की निगरानी में कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। पागल और हिंसक कुत्तों के लिए विशेष वार्ड की व्यवस्था होगी। इसके लिए राजस्थान की एक कंपनी को जिम्मेदारी दी जा चुकी है।
प्रभात रंजन, ईओ, नगर परिषद, लखीसराय
