7 कमरों में 630 बच्चे... लखीसराय में जर्जर भवन में पढ़ रहा देश का भविष्य, शिक्षकों की भी कमी
लखीसराय के महिला विद्या मंदिर मध्य विद्यालय में 630 बच्चों के लिए मात्र सात कमरे उपलब्ध हैं, जबकि चार कमरों वाला पुराना भवन पूरी तरह जर्जर है।

लखीसराय का महिला विद्या मंदिर मध्य विद्यालय। फोटो जागरण
HighLights
महिला विद्या मंदिर में 630 बच्चों के लिए सिर्फ सात कमरे।
चार कमरों वाला पुराना भवन पूरी तरह जर्जर, अनुपयोगी।
शिक्षकों की कमी और कार्यालय से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। शहर के पुरानी बाजार स्थित महिला विद्या मंदिर मध्य विद्यालय को बेहतर शैक्षिक प्रबंधन और अनुशासन के लिए आदर्श विद्यालय के रूप में चिह्नित किया गया है। पर्याप्त भवन और आधारभूत संरचना उपलब्ध होने के बावजूद विद्यालय के बच्चों के लिए पर्याप्त कक्षा-कक्ष नहीं हैं।
विद्यालय का चार कमरों वाला पुराना भवन पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुका है। हाल में हुई बारिश के बाद भवन की स्थिति और खराब हो गई है। इसके कभी भी ध्वस्त होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में शेष कमरों में बच्चों को किसी तरह बैठाकर कक्षा संचालित की जा रही है।
विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक कुल 630 बच्चे नामांकित हैं। इनमें कक्षा छह से आठ तक 430 बच्चे हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए मात्र चार शिक्षक हैं। हिंदी और संस्कृत विषय के शिक्षक भी उपलब्ध नहीं हैं।
वहीं, कक्षा एक से पांच तक के 200 बच्चों के लिए 13 शिक्षक हैं। जर्जर भवन के कारण कक्षा संचालन में परेशानी के साथ शिक्षकों की कमी भी उच्च कक्षाओं के पठन-पाठन को प्रभावित कर रही है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जर्जर भवन के स्थान पर नए भवन निर्माण की स्वीकृति भी विभाग से नहीं मिली है।
विद्यालय के छह कमरों में वर्षों से चल रहा डीपीओ कार्यालय
महिला विद्या मंदिर मध्य विद्यालय परिसर में अलग-अलग हिस्सों में कुल 22 कमरे हैं। इनमें दो मंजिले भवन के छह कमरों में शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा का कार्यालय वर्षों से संचालित है। इसी परिसर में दो भूमिहीन प्राथमिक विद्यालय भी चल रहे हैं।
एक अन्य कमरा शिक्षा विभाग की सामग्री के भंडार के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। विद्यालय के हिस्से में बचे कमरों में पुराने भवन के चार कमरे जर्जर हैं। शेष नौ कमरों में से एक प्रधानाध्यापक कक्ष और एक शिक्षक कक्ष है। बाकी सात कमरे और बरामदे में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई कराई जा रही है।
नए भवन के लिए कई बार किया पत्राचार
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका गीता पासवान ने बताया कि चार कमरों वाला पुराना भवन पूरी तरह जर्जर और अनुपयोगी हो चुका है। भवन को तोड़कर नए भवन के निर्माण के लिए कई बार विभाग को पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक पहल नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि विद्यालय के भवन में शिक्षा विभाग का कार्यालय और दो भूमिहीन विद्यालय संचालित होने के कारण अपने विद्यालय के बच्चों के लिए कक्षा-कक्ष कम पड़ रहे हैं। इससे कक्षा संचालन में लगातार परेशानी हो रही है।
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