225 करोड़ से संवरेगी जहानाबाद की 36 सड़कें, 7 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी संवेदक की
जहानाबाद जिले में 36 सड़कों के रखरखाव और सुधार के लिए 225 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है।

दुरुस्त होंगी जहानाबाद की सड़कें। जागरण
HighLights
जहानाबाद में 36 सड़कों के लिए 225 करोड़ का प्रोजेक्ट।
सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी 7 वर्षों तक एजेंसी की।
तकनीकी निविदा 28 सितंबर को खोली जाएगी।
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। जिले की सड़कों को बेहतर बनाने के साथ उनके लंबे समय तक रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में पथ निर्माण विभाग ने कवायद तेज कर दी है।
जिले की 36 सड़कों के मेंटेनेंस और आवश्यक सुधार कार्य के लिए करीब 225 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पुनर्निविदा की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विभागीय स्तर पर जारी प्रक्रिया के तहत पुनर्निविदा की तकनीकी निविदा 28 सितंबर को खोली जाएगी। इसके बाद निविदा की आगे की प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
रखरखाव की जिम्मेदारी भी होगी एजेंसी की
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रतीक कुमार ने बताया कि सड़कों के रखरखाव की यह व्यवस्था आउटपुट एंड परफॉर्मेंस बेस्ड रोड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट के तहत की जा रही है।
इस व्यवस्था में सड़क की मरम्मत और निर्माण के साथ उसकी गुणवत्ता तथा निर्धारित अवधि तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित संवेदक की होगी।
इसका उद्देश्य सड़कों को निर्माण के बाद लंबे समय तक बेहतर स्थिति में बनाए रखना है। सात वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी इस अनुबंध की सबसे महत्वपूर्ण शर्त सात वर्षों तक सड़क के रखरखाव की है।
चयनित संवेदक को अनुबंध के तहत चिन्हित सभी सड़कों की नियमित निगरानी और आवश्यकतानुसार मरम्मत कराकर उन्हें आवागमन के लिए सुचारू रखना होगा।
सड़क की स्थिति खराब होने या किसी हिस्से में क्षति होने पर उसे ठीक कराने की जिम्मेदारी भी संवेदक की ही होगी।
वर्षा या बाढ़ में सड़क खराब होने पर भी करना होगा ठीक
बाढ़ या आपदा में भी करनी होगी तत्काल मरम्मत बारिश, बाढ़ या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण यदि किसी सड़क का हिस्सा कट जाता है अथवा क्षतिग्रस्त हो जाता है तो ऐसी स्थिति में भी संवेदक को अपने स्तर से तत्काल मरम्मत करानी होगी।
सड़क को लंबे समय तक बंद रखने या आवागमन बाधित रहने की स्थिति में विभागीय शर्तों के अनुसार संबंधित संवेदक की जिम्मेदारी तय होगी। इससे आपदा के बाद सड़कों को शीघ्र आवागमन योग्य बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विभाग की ओर से निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को सड़कों के रखरखाव का दायित्व सौंपा जाएगा। सात वर्ष की अवधि में सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत पर भी निगरानी रखी जाएगी।
इससे जिले की प्रमुख सड़कों के रखरखाव में होने वाली समस्या को कम करने और यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पहल मानी जा रही है।
