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लखीसराय में बालू चोरी के Accused की जगह पड़ोसी को हिरासत में लेने पर बवाल; ग्रामीणों ने ढाई घंटे तक पुलिस को बनाया बंधक

Published: Sat, 26 Sep 2026 10:46 AM (IST)

Lakhisarai Police Hostage Balu Case: लखीसराय में बालू चोरी के आरोपी की जगह पड़ोसी को हिरासत में लेने पर ग्रामीणों ...और पढ़ें

लखीसराय में पुल‍िस पर हमला हुआ है। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

लखीसराय में पुल‍िस पर हमला हुआ है। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

HighLights

  1. पुलिस ने बालू चोरी के आरोपी के पड़ोसी को गलती से हिरासत में लिया।

  2. आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस टीम को लगभग ढाई घंटे तक बंधक बनाया।

  3. जनप्रतिनिधियों की पहल पर निर्दोष युवक को रिहा किया गया।

संवाद सूत्र, लखीसराय। Lakhisarai Police Hostage Balu Case:  जिले के पीरी बाजार एवं सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र की पुल‍िस रामपुर गांव में शुक्रवार की मध्यरात्रि पुलिस की एक कार्रवाई पर भारी जनआक्रोश भड़क गया। बालू चोरी के एक पुराने मामले में फरार चल रहे नामजद आरोपित को पकड़ने गई दो थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने जब उसके पड़ोसी युवक को संदेह के आधार पर जबरन हिरासत में ले लिया, तो पूरा गांव लामबंद हो गया।

यहां बता दें क‍ि सूर्यगढा और लखीसराय थाना सीमा पर रामपुर गांव है। यह गांव एनएच 80 पर है। पीरीबाजार थाना अभयपुर रेलवे स्टेशन के पास है। आरोपित पीरीबाजार थाना का है इसलिए वहां की पुलिस गिरफ्तार करने आई थी। गांव सूर्यगढ़ा थाना में है। इस कारण दोनों थाना की पुल‍िस संयुक्‍त कार्रवाई करने को पहुंची थी। 

पुल‍िस के पहुंचने पर आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और करीब ढाई घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान गांव में भारी तनाव की स्थिति बनी रही। घटना के संबंध में बताया जाता है कि पीरी बाजार और सूर्यगढ़ा थाने की पुलिस शुक्रवार देर रात रामपुर गांव निवासी ललन सिंह के पुत्र पिंटू कुमार के घर दबिश देने पहुंची थी।

पिंटू बालू के अवैध खनन और चोरी के एक पुराने मामले में वांछित चल रहा है। छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपित तो हाथ नहीं लगा, लेकिन पुलिस ने संदेह के आधार पर ललन सिंह के हिस्सेदार बुतरु मणि सिंह के पुत्र संतोष कुमार को पकड़ लिया और उसे जबरन गाड़ी में बिठाने लगी।

बेकसूर को पकड़ने पर भड़के ग्रामीण

जैसे ही परिजनों और ग्रामीणों को पता चला कि पुलिस बेकसूर संतोष कुमार को ले जा रही है, लोग सड़क पर उतर आए और पुलिस वाहनों के सामने खड़े होकर रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। देखते ही देखते दर्जनों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

पुलिस का रास्ता रोका

ग्रामीणों की मांग थी कि जब तक निर्दोष संतोष को छोड़ा नहीं जाएगा, तब तक किसी भी पुलिसकर्मी या वाहन को गांव से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। पुलिसकर्मियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित भीड़ टस से मस नहीं हुई।

जनप्रतिनिधियों की पहल पर युवक को छोड़ा

करीब ढाई घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद मौके पर तनाव बढ़ता देख सूर्यगढ़ा थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक रोहित कुमार, रामपुर पंचायत के मुखिया सुधांशु कुमार तथा सरपंच रामबचन सिंह उर्फ फूल झा ने मोर्चा संभाला। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच लंबी वार्ता हुई।

तब निकली पुलिस

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि संतोष कुमार का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद पुलिस ने बैकफुट पर आते हुए संतोष कुमार को ग्रामीणों के समक्ष मुक्त कर दिया। युवक की रिहाई के बाद ही ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और पुलिसकर्मी वहां से सुरक्षित रवाना हो सके।

थानाध्यक्ष ने बंधक बनाए जाने से किया इनकार

इपीरी बाजार थानाध्यक्ष चंद्रवीर कुमार सिंह ने बताया कि बालू चोरी के आरोपित पिंटू कुमार की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई थी। उसी दौरान संदेह के आधार पर संतोष को पूछताछ के लिए रोका गया था, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। उन्होंने पुलिस को बंधक बनाए जाने की बात से इनकार करते हुए कहा कि ग्रामीणों ने जांच में सहयोग नहीं किया और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद संदेही को छोड़ दिया गया।

आरोपित पिंटू फरार

इस पूरे हंगामे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मुख्य आरोपित पिंटू कुमार मौके से फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अब नए सिरे से जाल बिछा रही है। छापेमारी की जा रही है। 

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