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लखीसराय जिले में आज से नहीं मिलेगा सरकारी पशुचारा, संकट में पशुपालक

Published: Thu, 17 Sep 2026 07:00 AM (IST)

लखीसराय में बाढ़ का पानी घटने के बावजूद पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि खेतों में चारा नष्ट हो ...और पढ़ें

लखीसराय जिले में आज से नहीं मिलेगा सरकारी पशुचारा, संकट में पशुपालक (AI Generated Image)

लखीसराय जिले में आज से नहीं मिलेगा सरकारी पशुचारा, संकट में पशुपालक (AI Generated Image)

HighLights

  1. बाढ़ का पानी घटने से खेतों में हरा चारा नष्ट हुआ।

  2. सरकारी पशुचारा वितरण आज से पूरी तरह बंद हो गया।

  3. पशुपालकों को अब बाजार से चारा खरीदना पड़ेगा।

संवाद सहयोगी, लखीसराय। बाढ़ का पानी अब प्रभावित इलाकों से धीरे-धीरे निकलने लगा है, लेकिन पशुपालकों की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। खेतों और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से पशुचारा नष्ट हो चुका है।

ऐसे में बाढ़ प्रभावित बड़हिया, पिपरिया, लखीसराय एवं सूर्यगढ़ा प्रखंड की 17 पंचायतों के पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारा जुटाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

जिला प्रशासन के निर्देश पर पशुपालन विभाग ने सात से 16 सितंबर तक सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए पशुपालकों के मवेशियों के लिए करीब चार हजार क्विंटल चारे का वितरण कराया। बुधवार तक इसका वितरण किया गया। अब गुरुवार यानी 17 सितंबर से सरकारी चारा नहीं मिलेगा।

तीन दिन का चारा एक साथ देकर दी गई राहत

पशुपालन विभाग ने सुरक्षित स्थानों पर रह रहे मवेशियों को एक बार में तीन दिन का चारा उपलब्ध कराया। बड़े पशु को प्रतिदिन छह किलोग्राम की दर से 18 किलोग्राम, छोटे पशु को तीन किलोग्राम की दर से नौ किलोग्राम तथा बकरी को प्रतिदिन एक किलोग्राम की दर से तीन किलोग्राम कुट्टी अथवा भूसा दिया गया।

सात से 16 सितंबर तक जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चार हजार क्विंटल चारे का वितरण किया गया। इससे बाढ़ के दौरान पशुपालकों को काफी राहत मिली। बुधवार को वलीपुर पंचायत के विभिन्न वार्डों में भी चारे का वितरण कराया गया।

पानी निकलने लगा, लेकिन खेतों में नहीं बचा चारा

बाढ़ का पानी निकलने के बाद भी पशुपालकों की मुश्किल इसलिए बनी हुई है, क्योंकि खेतों में लगा हरा चारा पानी में नष्ट हो चुका है। सरकारी चारा वितरण बंद होने के बाद पशुपालकों को बाजार से चारा खरीदकर मवेशियों को खिलाना पड़ेगा।

जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेश पर बुधवार तक सुरक्षित स्थानों पर रह रहे मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराया गया। प्रशासन के निर्देश पर 17 सितंबर से सरकारी चारे का वितरण बंद कर दिया जाएगा।

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