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बिहार में एक आईडी से खुलेगा मरीज का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड, लखीसराय में 65% लोगों की बनी आभा आईडी

Published: Wed, 28 Oct 2026 08:18 PM (IST)

लखीसराय जिले में शत-प्रतिशत नागरिकों की आभा आईडी बनाने का महाअभियान जारी है, जिसमें अब तक 65% लोगों की आईडी बन चुकी है।

आभा आईडी और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेते मरीज। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

आभा आईडी और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेते मरीज। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

HighLights

  1. लखीसराय में 65% लोगों की आभा आईडी बनी।

  2. 14 अंकों की आईडी से डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड।

  3. पुराने मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुंच होगी आसान।

संवाद सहयोगी, लखीसराय। इलाज के दौरान पुरानी चिकित्सकीय पर्चियों के फटने-खोने या भारी-भरकम जांच रिपोर्ट को संभाल कर रखने की चिंता अब जल्द ही पूरी तरह समाप्त होने वाली है।

केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लखीसराय जिले के शत-प्रतिशत नागरिकों की आभा आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट - ABHA ID) बनाने का महाअभियान शुरू किया है। इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अब तक जिले के 65 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी तैयार की जा चुकी है।

क्या है 14 अंकों की विशिष्ट स्वास्थ्य पहचान?

आभा आईडी बनने पर प्रत्येक नागरिक को 14 अंकों की एक यूनिक हेल्थ आईडी प्राप्त होती है। इसके माध्यम से मरीज का संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड (Electronic Health Record) डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाता है। इसमें व्यक्ति की बीमारी, डॉक्टरों की सलाह, पैथोलॉजिकल जांच और उपचार से जुड़ा पूरा इतिहास दर्ज होता है।

इस व्यवस्था से भविष्य में पुराने रिकॉर्ड तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। मरीजों को डॉक्टर के पास जाते वक्त पुरानी फाइलें या पर्चियां साथ ले जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही, चिकित्सकों को भी मरीज के पुराने मेडिकल हिस्ट्री की पूरी जानकारी मिलने से सटीक इलाज करने में भारी मदद मिलेगी। जिले के सरकारी और बड़े निजी अस्पतालों को भी इस डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

दुर्घटना में घायल या गंभीर रूप से बीमार किसी अज्ञात व्यक्ति को यदि अस्पताल लाया जाता है, तो उसकी आभा आईडी के जरिए उसकी पहचान और पूर्व की बीमारियों व उपचार की जानकारी पलभर में मिल सकेगी।

सदर अस्पताल में डिजिटल रिकॉर्ड की शुरुआत

जिले के सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों, विशेषकर सदर अस्पताल में आभा आईडी के माध्यम से इलाज कराने वाले मरीजों का इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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"इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य संबंधी विवरण का पूरी तरह सुरक्षित डिजिटल दस्तावेज है। आभा आईडी का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक सुलभ, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। हमारी प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द जिले के शत-प्रतिशत लोगों की आभा आईडी बनाने का काम पूरा कर लिया जाए।"

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— सुधांशु नारायण लाल, कार्यक्रम प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति, लखीसराय