संसू.,बड़हिया (लखीसराय) : रेफरल अस्पताल बड़हिया में बुधवार को कुछ अभिवावक एवं अस्पताल कर्मियों के बीच हुए विवाद को लेकर गुरुवार को अस्पताल की सभी सेवाएं बंद रही। इस कारण मरीज वापस लौटने को विवश रहे। जानकारी के अनुसार बड़हिया नगर क्षेत्र की एक महिला पिछले वर्ष 21 दिसंबर 2020 को बंध्याकरण का आपरेशन अस्पताल में कराई थी। उनका आपरेशन डाक्टर अशोक कुमार चौधरी ने किया तथा उनके सहायक के रूप में एएनएम सरोज कुमारी थी। नवंबर 2021 में महिला गर्भवती हो गई। इसको लेकर महिला के पति बुधवार को शिकायत करने रेफरल अस्पताल पहुंचकर प्रभारी डाक्टर विनोद कुमार सिन्हा से मिलना चाहा। उनके बैंक चले जाने से मौके पर मौजूद गार्ड से वाद विवाद हो गया। इसी को लेकर गुरुवार को सभी अस्पताल कर्मी अस्पताल की सेवाएं बंद करके सिविल सर्जन एवं जिलाधिकारी लखीसराय के कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई। इधर अस्पताल में सारी सेवाएं बंद रहने के कारण रोगी को बिना इलाज कराए बैरंग वापस लौट जाना पड़ा। अस्पताल में इमरजेंसी सेवा में डाक्टर मारुति नंदन मौजूद थे। गुरुवार को अस्पताल में बंध्याकरण की तिथि रहने के कारण 17 महिलाओं का बंध्याकरण के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ था। आपरेशन करने के लिए डाक्टर उमेश प्रसाद सिंह अस्पताल पहुंचे लेकिन अस्पताल की ओटी बंद रहने के कारण महिलाओं का बंध्याकरण नहीं हो सका। इस संबंध में प्रभारी डाक्टर विनोद कुमार सिन्हा ने बताया कि जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जन ने सुरक्षा का आश्वासन दिया है। बंध्याकरण आपरेशन में दो सौ-तीन सौ केस में एकाध मामला इस तरह का आता है। इसमें सरकारी प्रावधान के अनुसार पीड़िता को जांचोपरांत मुआवजा दिया जाता है। वहीं गर्भवती महिला के अभिवावक ने बताया कि अस्पताल में प्रभारी को आवेदन देने गया था की अब हम अनचाहे बच्चे का क्या करें। इसका मार्गदर्शन करें। लापरवाही बरतने वाले डाक्टर पर उचित करवाई की जाए। प्रभारी की गैरमौजूदगी में गार्ड ने विवाद खड़ा कर दिया।

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