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मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ लखीसराय व्यवहार न्यायालय में परिवाद! पीएम मोदी के पिता पर टिप्पणी को लेकर BJP का एक्शन

Published: Sat, 31 Oct 2026 09:35 PM (IST)

Complaint Against Mallikarjun Kharge in Lakhisarai: भाजपा ने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ लखीसराय व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर किया है। ...और पढ़ें

Complaint Against Mallikarjun Kharge in Lakhisarai:पीएम मोदी के पिता और सनातन पर कथित टिप्पणी के खिलाफ लखीसराय कोर्ट में परिवाद दायर

Complaint Against Mallikarjun Kharge in Lakhisarai:पीएम मोदी के पिता और सनातन पर कथित टिप्पणी के खिलाफ लखीसराय कोर्ट में परिवाद दायर

HighLights

  1. खरगे के खिलाफ लखीसराय कोर्ट में परिवाद दायर।

  2. पीएम मोदी के पिता पर टिप्पणी का आरोप।

  3. सनातन संस्कृति पर अमर्यादित बयान से नाराजगी।

संवाद सूत्र, लखीसराय। Complaint Against Mallikarjun Kharge in Lakhisarai: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता और सनातन संस्कृति के संदर्भ में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

शनिवार को भाजपा विधि प्रकोष्ठ की लखीसराय इकाई ने लखीसराय व्यवहार न्यायालय में मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ औपचारिक परिवाद (कंप्लेंट केस) दायर कर विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक शिष्टाचार का हनन और सार्वजनिक मर्यादा की सीमा लांघने वाला कृत्य करार दिया है।

भाजपा के अनुसार, 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कथित तौर पर यह विवादास्पद टिप्पणी की थी। इस बयान से न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं बल्कि आम जनमानस और सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं भी बुरी तरह आहत हुई हैं।

'वसुधैव कुटुम्बकम्' और सनातन परंपरा पर प्रहार बर्दाश्त नहीं: अधिवक्ता वासुकी सिंह

लखीसराय व्यवहार न्यायालय में परिवाद दाखिल करने के बाद भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिला सह-संयोजक एवं अधिवक्ता वासुकी सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के महान जीवन मूल्यों और सनातन सांस्कृतिक परंपराओं में अटूट विश्वास रखने वाला देश है। लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में सक्रिय वरिष्ठ राजनेताओं से सदैव भाषा की शुचिता, मर्यादा और शिष्टाचार बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध की आड़ में देश के प्रधानमंत्री के दिवंगत परिजनों और भारत की सनातन संस्कृति के प्रति अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का उपयोग करना अक्षम्य है। इससे करोड़ों देशवासियों के आत्मसम्मान और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है।

वैश्विक पटल पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले नेतृत्व का अपमान अनुचित

अधिवक्ता वासुकी सिंह ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व पटल पर 140 करोड़ भारतीयों के गौरव और देश की संप्रभुता का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनके परिवार को राजनीति में घसीटना और देश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को लांछित करना अत्यंत गंभीर और अशोभनीय विषय है। उन्होंने कहा कि इसी कारण पार्टी के विधि प्रकोष्ठ ने सीधे न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, ताकि इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक समीक्षा हो सके और भविष्य के लिए मर्यादा तय की जा सके।

न्यायालय से संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई का आग्रह

भाजपा की लखीसराय इकाई ने व्यवहार न्यायालय से आग्रह किया है कि उपलब्ध ऑडियो-वीडियो तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर इस परिवाद का त्वरित संज्ञान लिया जाए और कानून के अनुसार उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाए।

परिवाद दाखिल करने के दौरान न्यायालय परिसर में भाजपा जिला उपाध्यक्ष गौतम मंडल, जिला मंत्री अभिषेक सिंह, विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं अधिवक्ता विजय सिंह सहित कई प्रमुख अधिवक्ता, कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे।

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