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बिहार: लखीसराय मंदिर हादसे में प्रशासन को क्लीनचिट, जांच टीम ने अफवाह को ठहराया भगदड़ का जिम्मेदार 

Published: Thu, 20 Aug 2026 03:59 PM (IST)

न्यास पर्षद की तीन सदस्यीय टीम ने लखीसराय के अशोकधाम में सावन की तीसरी सोमवारी को हुई भगदड़ की जांच ...और पढ़ें

बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की जांच टीम। फोटो जागरण

बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की जांच टीम। फोटो जागरण

HighLights

  1. न्यास पर्षद की तीन सदस्यीय टीम ने की जांच।

  2. भगदड़ अफवाह के कारण मची, प्रशासन मुस्तैद था।

  3. कमजोर बैरिकेडिंग पर टीम ने नहीं दिया जवाब।

संवाद सहयोगी, लखीसराय। अशोकधाम में सावन की तीसरी सोमवारी को भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत और 27 श्रद्धालुओं के घायल होने की घटना के तीसरे दिन बुधवार को बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की तीन सदस्यीय जांच टीम अशोकधाम पहुंची।

टीम ने मंदिर और अशोकधाम स्टेशन रोड स्थित हादसा स्थल का निरीक्षण कर घटना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी ली। न्यास पर्षद के सदस्य हेमराज राम, अशोक कुमार एवं सहायक अधीक्षक रामजुगु प्रसाद ने मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सह एसडीओ प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार एवं ट्रस्ट के सचिव डॉ. कुमार अमित के साथ हादसा स्थल का जायजा लिया।

टीम ने सोमवारी के दिन की व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम और हादसे के कारणों के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों एवं मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों से भी घटना की जानकारी प्राप्त की।

अफवाह के बाद मची भगदड़ : हेमराज राम

जांच के बाद न्यास पर्षद के सदस्य हेमराज राम ने कहा कि सावन की सोमवारी को हुई घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि सोमवारी को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था और सभी स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।

अचानक अफवाह फैलने के बाद श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई और यह दुखद घटना हुई। उन्होंने कहा कि भगदड़ मचते ही प्रशासन ने मुस्तैदी से स्थिति को संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया।

यदि तत्काल स्थिति पर काबू नहीं पाया जाता तो हादसा और बड़ा हो सकता था। उन्होंने कहा कि घटना से सबक लेते हुए आने वाली सोमवारी को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।

कमजोर बैरिकेडिंग और सीसीटीवी पर नहीं दिया जवाब

भगदड़ के दौरान बैरिकेडिंग कमजोर होने, सीसीटीवी की कमी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से जुड़े सवाल पर जांच टीम के सदस्यों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

टीम ने जिला प्रशासन को मुस्तैद बताते हुए उसके स्तर पर की गई व्यवस्था को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की। मौके पर मंदिर मंदिर के ट्रस्टी डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा, राजेंद्र सिंघानिया, पूर्व विधायक प्रेमरंजन पटेल भी मौजूद थे।

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