'धर्म को बदनाम कर रहे हो, उखड़वा के फेंकवा देंगे', बांका में कावड़ यात्रा के दौरान अश्लील डांस पर भड़का कावड़िया
श्रावणी मेले के दौरान बांका में एक सेवा शिविर में अश्लील नृत्य का वीडियो वायरल हुआ, जिस पर एक कांवरिया ...और पढ़ें

अश्लील डांस पर भड़का कावड़िया। फोटो जागरण
HighLights
बांका में श्रावणी मेले के सेवा शिविर में अश्लील नृत्य।
छत्तीसगढ़ के कांवरिया ने विरोध कर नृत्य रुकवाया, आयोजकों को फटकारा।
प्रशासन ने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संवाद सूत्र, बेलहर (बांका)। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में जहां कांवरिया भक्ति और आस्था के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं जिलेबिया मोड़ के समीप एक सेवा शिविर में अश्लील नृत्य कराए जाने का मामला सामने आया है।
इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में एक युवती को डांस करते देखा जा रहा है। इसी दौरान वहां मौजूद एक छत्तीसगढ़ के एक कांवरिया ने इसका विरोध करते हुए डांस बंद करा दिया।
उसने माइक लेकर आयोजकों को जमकर फटकार लगाई और कहा कि कांवरिया पथ धार्मिक यात्रा का मार्ग है। यहां इस तरह के कार्यक्रम आस्था और सनातन संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं।
कांवरियों ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की यात्रा श्रद्धा और भक्ति का पर्व है। ऐसे में सेवा शिविरों में अश्लील नृत्य जैसे कार्यक्रम आयोजित करना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
सेवा शिविरों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधा और राहत देना होना चाहिए। यहां भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि कांवरियों को आध्यात्मिक वातावरण मिल सके।
पथ के कई हिस्सों में अश्लील कार्यक्रम की चर्चा
स्थानीय लोगों और कांवरियों के बीच चर्चा है कि कांवरिया पथ के कुछ हिस्सों में मनोरंजन के नाम पर आपत्तिजनक नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। खासकर सुनसान और पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप है कि कुछ होटल और सेवा शिविर संचालक भीड़ जुटाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम कराते हैं।
चर्चा यह भी है कि बाहरी क्षेत्रों से कलाकारों को बुलाकर अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम कराए जाते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में युवा कांवरियों के पहुंचने की बात कही जा रही है। कांवरियों ने ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की है।
कांवरिया पथ पर अश्लीलता परोसने पर प्रतिबंध है। प्रशासन ने वायरल वीडियो और मामले की जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक यात्रा की पवित्रता और श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले किसी भी आयोजन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में मामला सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
