लखीसराय के अशोकधाम में सख्त पहरे के बीच हुई पूजा, 50 हजार श्रद्धालुओं ने किया अर्घ्य से जलाभिषेक
सावन की अंतिम सोमवारी पर अशोकधाम मंदिर में हाई अलर्ट के बीच लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।

अशोकधाम मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वार पर अरघा में जलार्पण करते श्रद्धालु। (जागरण)
HighLights
अशोकधाम में सावन की अंतिम सोमवारी पर जलाभिषेक संपन्न।
हाई अलर्ट के बीच 50 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
पिछली भगदड़ के बाद प्रशासन की व्यवस्था सफल रही।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। सावन की अंतिम सोमवारी पर श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोकधाम में हाई अलर्ट के बीच श्रद्धालु आस्था और भक्ति के साथ भोलेनाथ के विशाल शिवलिंग का दर्शन कर अरघा के माध्यम से जलाभिषेक कर रहे हैं।
पिछली सोमवारी को मंदिर परिसर में हुई भगदड़ की घटना और इस बार गर्भगृह में अरघा लगाए जाने का असर श्रद्धालुओं की भीड़ पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
सुबह होते-होते मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ काफी कम हो गई और 10 बजे के बाद मंदिर से लेकर अशोकधाम स्टेशन तक एक किलोमीटर दूरी तक बनाया गया बैरिकेडिंग और जिग जैग खाली हो गया।
जिस कारण श्रद्धालुओं को मंदिर के दक्षिण गेट के नजदीक से ही प्रवेश कराया गया। पहली बार मंदिर के गर्भगृह के बाहर करीब 20 फीट लंबा अरघा लगाया गया था।

सुबह तीन बजे सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद गर्भगृह का पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने अरघा के माध्यम से जलाभिषेक शुरू किया। देर रात से मंदिर परिसर में ठहरे श्रद्धालुओं ने पट खुलते ही जलाभिषेक कर भोलेनाथ का दर्शन किया।
सुबह छह बजे के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार कम होती चली गई। अंतिम सोमबारी को करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। एनएच 80 बालगूदर मोड़ और बाइपास रोड स्थित बीएड कालेज मोड़ छोर से श्रद्धालुओं की भीड़ काफी कम रही।
अलसुबह से ही डीएम- एसपी संभाल रहे व्यवस्था
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने अशोकधाम में चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। बड़ी संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
समाहरणालय के सभी कार्यालयों, शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय के आदेशपाल, ऑपरेटर, लिपिक से लेकर चौकीदार, दफादार ,प्रशिक्षु लाठीधारी पुलिस जवान सहित 1000 से अधिक सरकारी कर्मी अशोक धाम में भीड़ संभालने के लिए तैनात किए गए थे।
लेकिन अनुमान से भी काफी कम भीड़ नही हुई। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार, एसपी प्रेरणा कुमार, एडीएम नीरज कुमार, एसडीओ प्रभाकर कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार अलसुबह ही मंदिर पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सभी अधिकारी अशोकधाम रेलवे स्टेशन पर कैंप कर ट्रेन से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ पर लगातार नजर रखते रहे।
सुबह पांच बजे से 12 बजे तक चार ट्रेन अशोकधाम स्टेशन पर रुकी लेकिन भीड़ नगण्य रही। मंदिर खाली होने पर 10 बजे के बाद डीएम एसपी भी समाहरणालय लौट गए।

जिला प्रशासन की ओर से बुजुर्ग और वृद्ध श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुफ्त ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध कराई गई थी। मेडिकल कैम्प में भी सन्नाटा पसरा रहा।
इसके अलावा अशोकधाम मंदिर जाने वाले मार्ग पर अन्य सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रखा गया। प्रशासन का पूरा जोर श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और भीड़ को नियंत्रित रखने पर लगा रहा। लेकिन भीड़ नही होने पर सबों ने राहत की सांस ली। और प्रशासनिक मैनेजमेंट की सफलता पर चर्चा करते रहे।
अन्य शिवालयों में भी उमड़ी आस्था
अशोकधाम के अलावा जिले के श्रृंगीऋषि धाम, जलप्पा स्थान, रामेश्वर धाम और गौरीशंकर धाम सहित अन्य शिवालयों में भी सुबह से श्रद्धालु पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर रहे हैं। अंतिम सोमवारी को लेकर जिले के विभिन्न शिवालयों में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष व्यवस्था की गई है।
