संवाद सहयोगी, किशनगंज : बंगाल से सटे किशनगंज शहरी क्षेत्र में शराब तस्कर लगातार सक्रिय हैं। खासकर होम डिलेवरी वाले अधिक सक्रिय हैं जो पुलिस और उत्पाद विभाग को चुनौती दे रहे हैैं। शराब धंधेबाजों के खिलाफ कड़े रुख अपनाने के बाद भी तस्कर तस्करी से बाज नहीं आ रहे हैं। तस्करों पर कार्रवाई कर पुलिस द्वारा जेल भेजा जाता है फिर जेल से निकलने के बाद तस्कर तस्करी में सक्रिय हो जाते हैं। जेल से निकलने वाले ऐसे शराब तस्करों पर पुलिस की नजर नहीं रहने के कारण तस्करी और होम डिलेवरी का खेल लगातार चल रहा है।

शाम होते ही कई मोहल्लों में स्कूटी व बाइक के डिक्की में शराब छिपाकर घर तक शराब पहुंचाया जाता है। कई बार होम डिलीवरी ब्वाय स्कूटी और बाइक पर शराब के साथ रंगेहाथ पकड़े गए और जेल भी गए। जेल से निकलते ही फिर से शराब की होम डिलीवरी का काम शुरू कर देते हैं। शहर के डुमुरिया भट्टा, धरमगंज, मझिया, तातीबस्ती, कसेरापट्टी, लोहारपट्टी, नेपालगढ़ कलौनी, चुड़िपट्टी, सुभाषपल्ली, मिलनपलली, लाइनपाड़ा, रुइधासा, खगड़ा, डेमार्के, छेदियाबागान, रेलवे कालोनी, डुमरीया व कई मुहल्लों में घर तक शराब पहुंचाया जा रहा है। पुलिस की सख्ती होते ही होम डिलीवरी ब्वाय शराब को ऊंची कीमत पर उन तक पहुंचाते हैं। बताया जाता है कि होम डिलीवरी ब्वाय हर रोज एक दिन पहले ही शराबियों से आर्डर ले लेते हैं और अहले सुबह होते ही किशनगंज से बंगाल शराब लाने जाते हैैं। ग्राहकों के आर्डर के अनुसार शराब लेकर सूरज उठने से पहले ही किशनगंज वापस आ जाता है। जबकि किशनगंज शहर के बिहार बंगाल सीमा के दोनों छोर पर मद्द निषेध चेकपोस्ट है और 24 घंटे सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में उनके नाक के नीचे से होम डिलीवरी ब्वाय शराब की खेप लेकर शहर तक पहुंच जाते हैैं। बंगाल के शराब कारोबारी भी इन लोगों के लिए अहले सुबह अपना दुकान खोलकर सप्लाई दे देते हैैं। इस बात जानकारी उत्पाद विभाग और पुलिस को नहीं है ऐसी कोई बात नहीं है। शराब को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन शराब का होम डिलेवरी पर रोक नहीं लग पा रहा है।

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