किशनगंज में शराबी पतियों पर पत्नियों का कड़ा रुख, पुलिस को बुलाकर करा रहीं गिरफ्तार
किशनगंज में शराब के नशे में पत्नियों से मारपीट करने वाले पतियों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। पिछले दो ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
किशनगंज में पत्नियों ने शराबी पतियों के खिलाफ पुलिस को बुलाया।
दो दिनों में दो पतियों को मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया।
शराबबंदी के बावजूद घरेलू विवाद और महिला उत्पीड़न बढ़ रहा।
संवाद सहयोगी, किशनगंज। शराब के नशे में घर लौटने के बाद पत्नी से मारपीट और गाली-गलौज करना अब कुछ शराबियों को भारी पड़ रहा है। वर्षों तक पति के नशे और उसके बाद होने वाले विवाद को सहने वाली महिलाएं अब चुप रहने के बजाय पुलिस का दरवाजा खटखटा रही हैं।
किशनगंज में पिछले दो दिनों में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जहां पत्नियों की शिकायत पर पुलिस ने उनके शराबी पतियों को गिरफ्तार किया।
शहर के हलीम चौक की रहने वाली महिला के लिए भी रविवार की रात बाकी दिनों से अलग नहीं थी। आरोप है कि उसका पति शराब के नशे में घर पहुंचा और उसके साथ मारपीट करने लगा।
नशे में गाली-गलौज और मारपीट का आरोप
महिला का आरोप है कि शराब के नशे में पति अक्सर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। दहेज के नाम पर रुपये की मांग करने का भी आरोप लगाया गया है।
लगातार प्रताड़ना से परेशान महिला ने इस बार चुप रहने के बजाय पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपित को पकड़ लिया। महिला ने सदर थाना में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज कराई।
ऐसा ही एक मामला शनिवार की रात माझिया रोड क्षेत्र में सामने आया। यहां भी शराब के नशे में पति से परेशान महिला ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसके घर पहुंची और आरोपित पति को गिरफ्तार कर लिया।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद शराब का सेवन और बिक्री कानूनन अपराध है। इसके बावजूद चोरी-छिपे शराब पीने के मामले सामने आते रहे हैं।
शराब के नशे में घरेलू विवाद और मारपीट की स्थिति में सबसे अधिक परेशानी परिवार की महिलाओं को उठानी पड़ती है। लंबे समय तक सामाजिक दबाव या पारिवारिक कारणों से शिकायत नहीं करने वाली महिलाएं अब ऐसे मामलों में पुलिस की मदद लेने लगी हैं।
महिलाओं में बढ़ रही जागरूकता
इन दो मामलों में खास बात यह रही कि कार्रवाई की पहल खुद पीड़ित पत्नियों ने की। उन्होंने पुलिस को सूचना देकर न केवल अपने पतियों को गिरफ्तार कराया, बल्कि लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की।
शराब का सेवन केवल कानून के उल्लंघन तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि कई बार इसका असर परिवार के माहौल पर भी पड़ता है।
नशे में गाली-गलौज, मारपीट और रुपये की मांग जैसे आरोप घरेलू विवाद को गंभीर रूप दे देते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं के सामने चुप रहने के बजाय कानून की मदद लेने का विकल्प मौजूद है।
सदर थाना पुलिस दोनों मामलों में शिकायत और आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि शराबबंदी के बावजूद चोरी-छिपे शराब का सेवन किस तरह परिवारों के भीतर विवाद और महिलाओं की परेशानी का कारण बन रहा है।
