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किशनगंज: 'बुगी के पापा...', फोन कॉल पर ही सिपाही ने खुद को मारी गोली, पुलिस लाइन में गूंजी चीखें

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:02 PM (GMT+05:30)

किशनगंज में डायल 112 के सिपाही समीर कुमार ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिससे पुलिस लाइन में शोक की लहर दौड़ गई।

फोन कॉल पर ही सिपाही ने खुद को मारी गोली, पुलिस लाइन में गूंजी चीखें

फोन कॉल पर ही सिपाही ने खुद को मारी गोली, पुलिस लाइन में गूंजी चीखें

HighLights

  1. सिपाही समीर कुमार ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की।

  2. पत्नी पूजा कुमारी ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

  3. दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया।

संवाद सहयोगी, किशनगंज। 'बुगी के पापा, कहां चले गए... बात तो कीजिए ना, जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं।' पति के ताबूत के सामने खड़ी पूजा कुमारी की इस चीख ने पुलिस लाइन में मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। पति को खोने का गम और दो बच्चों के भविष्य की चिंता उनके आंसुओं में साफ झलक रही थी।

वह बार-बार अपने पति को पुकार रही थीं, लेकिन अब जवाब देने के लिए समीर कुमार इस दुनिया में नहीं थे। पत्नी की दर्दभरी पुकार सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी अपने आंसू नहीं रोक सके।

रविवार की देर शाम जब डायल 112 के सिपाही समीर कुमार का शव पुलिस लाइन पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइन लाया गया था।

पत्नी पूजा कुमारी और अन्य परिजनों के पहुंचते ही वहां चीख-पुकार मच गई। कुछ देर पहले तक परिवार की खुशियों का हिस्सा रहे समीर अब ताबूत में बंद थे। यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए।

फोन पर बात करते-करते चली गई पति की जान

पूजा कुमारी ने बताया कि उनके पति हर रोज सुबह करीब चार बजे उन्हें फोन करते थे। रविवार को भी रोज की तरह फोन आया था। दोनों के बीच बातचीत हो रही थी, तभी समीर ने खुद को गोली मार ली।

पत्नी ने रुंधे गले से कहा कि वह फोन पर ही थीं, लेकिन चाहकर भी पति को बचा नहीं सकीं। उनके लिए यह विश्वास करना मुश्किल था कि जिस पति से कुछ देर पहले बात हो रही थी, अब वह हमेशा के लिए खामोश हो गए हैं।

पूजा ने बताया कि समीर पिछले कुछ दिनों से कामकाज को लेकर परेशान थे। वह अक्सर काम से जुड़ी बातें करते थे।

12 साल की बेटी और आठ साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया

समीर अपने पीछे 12 वर्षीय बेटी और आठ वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। जिस पिता की उंगली पकड़कर उन्हें आगे बढ़ना था, अब उनकी यादें ही सहारा बनेंगी। परिवार के सामने अचानक ऐसा दुख आ खड़ा हुआ है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

भाई ने सीडीआर निकालने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की

समीर के बड़े भाई संजय कुमार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके भाई का मोबाइल फोन का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाला जाए, ताकि घटना से पहले हुई बातचीत और परिस्थितियों की जांच हो सके।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि उनके भाई को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा।

मृतक के चाचा गनोरी दास पूर्णिया जीआरपी में दरोगा के पद पर पदस्थापित हैं। भतीजे की मौत की सूचना मिलने पर वह किशनगंज पहुंचे। पुलिस लाइन में शव देखकर वह भी टूट गए। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की।

पुलिस लाइन में दी गई अंतिम सलामी

भागलपुर जिले के सुल्तानगंज निवासी समीर कुमार पिछले एक वर्ष से किशनगंज में पदस्थापित थे। रविवार की सुबह सदर थाना के पुलिस बैरक में उन्होंने खुद को गोली मार ली थी। घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें सलामी दी।

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