संवाद सहयोगी, किशनगंज : एएमयू शाखा के बेहतर संचालन के लिए भवन निर्माण सहित इंफ्रास्ट्रक्चर की सख्त जरूरत है जिससे कि एएमयू शाखा में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके। साथ ही अधिक से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन शाखा में हो। जिससे कि सीमांचल के विद्यार्थी भी अपने गृह क्षेत्र में रहकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपना करियर संवार सके। यह जानकारी बुधवार को सांसद डा. जावेद आजाद ने फंड रिलीज करने को लेकर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के बाद दी।

उन्होंने बताया कि 2013 में यूपीए सरकार के कार्यकाल में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की किशनगंज शाखा का शिलान्यास हुआ था। केंद्र सरकार द्वारा 136 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी। इस स्वीकृत राशि में से शाखा को केवल 10 करोड़ रुपए मिले हैं। जबकि शेष बचे 126 करोड़ रुपए अब तक लंबित है। वर्तमान समय में इस शाखा के निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा फंड रिलीज नही किए गए हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक किशनगंज राज्य का सबसे गरीब जिला है। जिला के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए एएमयू शाखा निर्माण जरुरी है। शाखा के लिए चकला स्थित 224 एकड़ अधिग्रहित भूमि पर लगी एनएमसीजी रोक जरूरी है। साथ ही स्वीकृत टीचिग और नॉन टीचिग पदों की बहाली, शाखा के प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए अतिरिक्त 10 एकड़ भूमि की मांग की गई है।

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