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किशनगंज में मुहर्रम ड्यूटी के दौरान मोबाइल चलाना पड़ा महंगा, लापरवाही बरतने पर महिला सिपाही सस्पेंड

By Amrendra KantEdited By: Shashank Baranwal
Published: Sat, 27 Jun 2026 08:51 AM (GMT+05:30)

किशनगंज में मुहर्रम ड्यूटी के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने और लापरवाही बरतने के आरोप में महिला सिपाही अनुप्रिया कुमारी को निलंबित कर दिया गया है।

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HighLights

  1. महिला सिपाही अनुप्रिया कुमारी मुहर्रम ड्यूटी से निलंबित।

  2. ड्यूटी के दौरान मोबाइल और एयरफोन का किया उपयोग।

  3. एसपी ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना।

जागरण संवाददाता, किशनगंज। मुहर्रम पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने महिला सिपाही अनुप्रिया कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को उस समय की गई जब एसपी शहर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे।

जानकारी के अनुसार, एसपी शहर में मुहर्रम के मद्देनजर भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान किशनगंज थाना क्षेत्र के सौदागर पट्टी चौक पर प्रतिनियुक्त महिला सिपाही अनुप्रिया कुमारी ड्यूटी के दौरान मोबाइल और एयरफोन का उपयोग करती मिलीं। वरीय अधिकारियों द्वारा बुलाने के बावजूद वह मोबाइल में व्यस्त रहीं, अपनी जगह से नहीं उठीं और कुर्सी पर बैठी रहीं।

पुलिस अधीक्षक ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मनमाना रवैया, स्वेच्छाचारिता और आदेशों की अवहेलना माना। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि विधि-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी के दौरान अनावश्यक रूप से मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद महिला सिपाही द्वारा निर्देशों का उल्लंघन किया गया।

एसपी ने अनुप्रिया कुमारी को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया है। साथ ही पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र किशनगंज को दो दिनों के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया है। निलंबित महिला सिपाही को सात दिनों के भीतर विभागीय कार्रवाई के संबंध में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया गया है।

एसपी ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता, अनियमितता या भ्रष्ट एवं संदिग्ध आचरण के प्रति 'जीरो टालरेंस' की नीति अपनाई गई है और भविष्य में भी दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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